रविवार की सुबह है। आपने चाय बनाई, सोफे पर बैठे और सोचा कि थोड़ा फ़ोन साफ़ कर लेते हैं। Storage में जाकर देखा तो 128 GB में से सिर्फ 9 GB खाली बचा है। आपको यकीन ही नहीं होता, क्योंकि आपने तो पिछले महीने ही पुरानी photos और videos delete की थीं। फिर आप apps की list खोलते हैं और वहीं अटक जाते हैं। चालीस ऐसे apps दिखते हैं जिनके नाम भी याद नहीं कि कब install किए थे।
यह परेशानी सिर्फ आपकी नहीं है। हम सब कभी न कभी कोई app किसी काम के लिए डालते हैं, फिर काम खत्म होने के बाद app वहीं पड़ा रहता है। धीरे धीरे फ़ोन slow होने लगता है, battery तेज़ी से गिरती है और storage हमेशा full दिखता है। अच्छी बात यह है कि बेकार apps पहचानना कोई rocket science नहीं है। थोड़ी समझदारी और सही तरीके से आप अपने फ़ोन को हल्का और तेज़ बना सकते हैं।
सबसे पहले storage वाली list खोलें, लेकिन सिर्फ size मत देखें
Android फ़ोन में Settings खोलें और Apps या App Management में जाएँ। वहाँ आपको सारे apps की list मिलेगी। अगर आपका फ़ोन Samsung, Xiaomi, Realme या Vivo जैसे brand का है, तो नाम थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन Settings में apps का section हर जगह होता है। इस list को size के हिसाब से sort करें। सबसे ऊपर जो apps दिखेंगे, वे सबसे ज़्यादा जगह ले रहे हैं।
लेकिन यहीं एक आम गलती होती है। लोग सिर्फ बड़े size वाले apps को delete करने लगते हैं। ज़रूरी नहीं कि बड़ा app बेकार हो। हो सकता है आपका कोई पुराना game 3 GB ले रहा हो, लेकिन आप उसे हर weekend खेलते हों। वह बेकार नहीं है। उल्टा, कोई 40 MB का app भी बेकार हो सकता है अगर वह background में चलता रहता है, notifications भेजता है और data खाता है।
इसलिए size देखें, लेकिन उसके साथ तीन और चीज़ें ज़रूर देखें। पहली, आखिरी बार app कब खोला गया था। दूसरी, कितना data use कर रहा है। तीसरी, कितनी battery खा रहा है। data और battery की जानकारी Settings में हर app के पेज पर मिल जाती है। आखिरी बार app कब खुला, यह कई फ़ोन में Digital Wellbeing या Play Store की उपयोग-सूची में दिखता है, और जहाँ न दिखे वहाँ अपनी याददाश्त से अंदाज़ा लगा लें। जो app पिछले तीन महीने से खुला ही नहीं, वह चाहे छोटा हो या बड़ा, delete करने का सबसे पहला candidate है।
एक और trick है। कुछ apps का नाम देखकर ही पता चल जाता है कि वे किसी एक काम के लिए डाले गए थे। जैसे कोई exam result वाला app, कोई railway booking का temporary app, या कोई QR scanner जो किसी event में डाला था। ऐसे apps को list में देखते ही हटा दें। इन्हें रखने का कोई फायदा नहीं है।
वो apps जिन्हें आपने खुद install किया ही नहीं
हर Android फ़ोन के साथ कुछ apps पहले से installed आते हैं। इन्हें pre-installed apps या bloatware कहते हैं। कुछ तो काम के होते हैं, जैसे calculator या clock। लेकिन कई बार फ़ोन बनाने वाली company अपने apps भी डाल देती है, और कुछ apps दूसरी companies के promotion के तौर पर आते हैं।
ऐसे apps पहचानने का सबसे आसान तरीका है कि आप खुद से पूछें कि क्या मैंने यह app कभी install किया था? अगर जवाब नहीं है और app का नाम किसी ऐसी company का है जिसे आप नहीं जानते, तो समझ जाइए कि यह pre-installed है। कई बार shopping apps, music apps या news apps ऐसे ही आते हैं।
अब सवाल यह है कि इनका क्या करें। कुछ pre-installed apps को आप पूरी तरह delete नहीं कर सकते, सिर्फ disable कर सकते हैं। Disable करने से app आपकी list से गायब हो जाता है, background में नहीं चलता और storage भी कम लेता है। यह delete जितना ही अच्छा है, बस app फ़ोन के अंदर पड़ा रहता है।
इन्हें हटाने के लिए Settings में जाकर app का page खोलें। अगर Uninstall का button दिख रहा है तो सीधे हटा दें। अगर सिर्फ Disable दिख रहा है तो पहले Force Stop करें, फिर Disable करें। ध्यान रखें कि कुछ system apps को disable करने से फ़ोन की basic चीज़ें प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए जिस app का काम समझ न आए, उसे छेड़ने से पहले एक बार Google पर नाम search कर लें।
Xiaomi, Realme और Vivo जैसे brands के फ़ोन में ऐसे apps ज़्यादा मिलते हैं। Samsung में भी कुछ होते हैं। Stock Android वाले फ़ोन, जैसे कुछ Motorola या Google के Pixel devices, में यह समस्या कम होती है। अगर आपका फ़ोन mid-range या budget segment का है, तो हो सकता है आपको 10 से 15 ऐसे apps मिलें जिनकी ज़रूरत ही नहीं है।
Duplicate apps यानी एक ही काम के दो दो apps
यह समस्या भारत में बहुत आम है। फ़ोन में पहले से company का browser होता है, फिर आपने Google Chrome डाल लिया। पहले से company का music player होता है, फिर आपने कोई दूसरा music app install कर लिया। पहले से photo gallery होती है, फिर आपने Google Photos डाल लिया। ऐसे में फ़ोन में एक ही काम के दो या तीन apps जमा हो जाते हैं।
इनमें से जो app आप use नहीं करते, उसे हटाना सबसे आसान तरीका है storage बचाने का। लेकिन पहले यह समझें कि कौन सा app आपके काम का है। मान लीजिए आपके फ़ोन में दो calculator apps हैं। एक company का है और एक आपने डाला था। अगर company वाला काम कर रहा है, तो दूसरे को हटा दें। अगर आपका डाला हुआ बेहतर है, तो company वाले को disable कर दें।
कुछ apps ऐसे होते हैं जो दिखने में अलग लगते हैं, लेकिन काम एक ही करते हैं। जैसे कई बार फ़ोन में दो file manager apps होती हैं, दो notes apps होती हैं, या दो weather apps होती हैं। ऐसे में सिर्फ वही रखें जो आप रोज़ खोलते हैं। बाकी को हटा दें।
इसका फायदा सिर्फ storage नहीं है। जब एक ही काम के दो apps होते हैं, तो कई बार फ़ोन पूछता है कि किस app से खोलना है। यह छोटी सी झंझट हर बार समय लेती है। एक app रखने से यह परेशानी खत्म हो जाती है। साथ ही background में चलने वाले apps की संख्या कम होती है, जिससे battery भी बचती है।
iPhone में यह समस्या कम होती है क्योंकि Apple अपने apps के अलावा दूसरी company के pre-installed apps नहीं डालता। लेकिन वहाँ भी लोग खुद ही एक ही काम के कई apps डाल लेते हैं। तरीका वही है, जो use न हो उसे delete करो।
Background में चुपचाप battery और data खाने वाले apps
कुछ apps ऐसे होते हैं जिन्हें आप install तो कर लेते हैं, लेकिन बाद में खोलते नहीं। फिर भी वे background में चलते रहते हैं। वे location track करते हैं, notifications भेजते हैं, data sync करते हैं और battery धीरे धीरे खत्म करते रहते हैं। ये apps storage में छोटे दिख सकते हैं, लेकिन इनका असर बड़ा होता है।
ऐसे apps पहचानने के लिए Settings में Battery section खोलें। वहाँ आपको दिखेगा कि पिछले 24 घंटे या पिछले हफ्ते में किस app ने कितनी battery use की। जो app आपने खोला ही नहीं, फिर भी list में ऊपर दिख रहा है, वही culprit है। ऐसे ही Data usage section में जाकर देखें कि कौन सा app background में ज़्यादा data खा रहा है।
सबसे ज़्यादा यह समस्या shopping apps, news apps और weather apps में होती है। ये apps बार बार server से data लाते रहते हैं ताकि आपको latest deals या news दिखा सकें। अगर आप कोई shopping app महीने में एक बार खोलते हैं, तो उसे रखने का फायदा कम और battery का नुकसान ज़्यादा है।
एक अच्छा तरीका है कि ऐसे apps को delete करने की जगह पहले उनकी background activity बंद कर दें। Android में app info page पर जाकर Battery section में Restricted option चुनें। इससे app background में नहीं चलेगा। अगर उसके बाद भी आपको app की ज़रूरत महसूस न हो, तो delete कर दें।
कुछ apps तो सिर्फ इसलिए install किए जाते हैं क्योंकि किसी website ने कहा था कि बिना app के काम नहीं चलेगा। बाद में पता चलता है कि website browser में भी चल जाती है। ऐसे apps को तुरंत हटाना चाहिए। ये सबसे बड़े battery चोर होते हैं।
वो apps जो सिर्फ एक बार काम आए
हम सबके फ़ोन में कुछ apps ऐसे होते हैं जो किसी एक खास मौके के लिए डाले गए थे। किसी शादी में photo edit करने के लिए, किसी trip के दौरान hotel book करने के लिए, किसी exam का result देखने के लिए, या किसी office के document scan करने के लिए। काम खत्म हुआ, लेकिन app फ़ोन में ही रह गया।
इन्हें पहचानना आसान है। बस अपनी apps की list खोलें और हर app का नाम पढ़ते हुए खुद से पूछें कि पिछली बार मैंने इसे कब खोला था। अगर याद ही नहीं आ रहा, तो समझ जाइए कि app बेकार है। कई फ़ोन में Settings के उपयोग वाले हिस्से में यह भी दिख जाता है कि app आखिरी बार कब इस्तेमाल हुआ। अगर तीन महीने से पुरानी तारीख दिखे, तो app को हटा दें।
कुछ apps ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ इसलिए रखे जाते हैं कि शायद भविष्य में काम आ जाएँ। जैसे कोई PDF converter, कोई video compressor, या कोई collage maker। सच बात यह है कि जब ज़रूरत पड़ेगी, तब आप उसे दोबारा install कर सकते हैं। Play Store से app डालने में एक मिनट लगता है। उसे महीनों तक फ़ोन में रखने का कोई मतलब नहीं है।
हाँ, एक बात का ध्यान रखें। अगर किसी app में आपका data saved है, जैसे कोई document या project, तो उसे delete करने से पहले data निकाल लें। कई apps में export या backup का option होता है। नहीं तो app हटाते ही data भी चला जाएगा।
इस category के apps हटाने से सबसे ज़्यादा राहत मिलती है, क्योंकि इनकी संख्या बड़ी होती है और इनका कोई daily use नहीं होता। एक बार में 10 से 15 apps निकल जाते हैं और फ़ोन तुरंत हल्का लगने लगता है।
Permissions का खेल और privacy का सवाल
हर app कुछ permissions माँगता है। Camera, location, contacts, microphone, storage, SMS और भी बहुत कुछ। कई बार app का काम ही ऐसा नहीं होता कि उसे इन permissions की ज़रूरत हो, फिर भी वह माँग लेता है। यह एक बड़ा संकेत है कि app बेकार है या फिर आपकी privacy के लिए खतरा है।
मान लीजिए आपके फ़ोन में एक simple flashlight app है। उसे camera permission की ज़रूरत होती है, क्योंकि flash camera के पास होता है। लेकिन अगर वही flashlight app contacts और SMS पढ़ने की permission माँगे, तो समझ जाइए कि कुछ गड़बड़ है। ऐसे apps को तुरंत delete कर देना चाहिए।
इसी तरह कोई notes app अगर location माँगे, कोई calculator app अगर microphone माँगे, या कोई wallpaper app अगर contacts माँगे, तो ये सब red flags हैं। सही apps सिर्फ वही permissions माँगते हैं जो उनके काम के लिए ज़रूरी हों।
Android में Settings में जाकर हर app की permissions देखी जा सकती हैं। वहाँ जाकर देखें कि कौन से apps के पास बेवजह की permissions हैं। जिन apps की ज़रूरत नहीं, उन्हें delete करें। जो apps रखने हैं, उनकी permissions घटा दें। जैसे किसी shopping app को location की ज़रूरत सिर्फ delivery address के लिए होती है, हर समय tracking के लिए नहीं।
यह step सिर्फ storage बचाने के लिए नहीं, बल्कि आपकी privacy बचाने के लिए भी ज़रूरी है। जितने कम apps के पास आपकी निजी जानकारी होगी, उतना ही सुरक्षित रहेंगे। और जो apps बेवजह permissions माँग रहे हैं, उन्हें रखने का कोई कारण ही नहीं है।
बहुत पुराने और update न मिलने वाले apps
कुछ apps ऐसे होते हैं जिन्हें developer ने छोड़ दिया है। उन्हें सालों से update नहीं मिला। ऐसे apps धीरे धीरे नए Android versions के साथ काम करना बंद कर देते हैं। वे crash करते हैं, hang करते हैं और कई बार security risk भी बन जाते हैं।
Play Store में किसी app का page खोलने पर पता चलता है कि आखिरी update कब आया था। अगर कोई app दो साल से ज़्यादा समय से update नहीं हुआ है, तो समझ जाइए कि developer ने उसे छोड़ दिया है। ऐसे app को हटा देना ही सही है, भले ही वह कभी आपके काम का रहा हो।
यह समस्या छोटे developers के apps में ज़्यादा होती है। बड़ी companies अपने apps को नियमित update देती रहती हैं। लेकिन कोई छोटा सा PDF reader, कोई छोटा सा video player या कोई पुराना game ऐसा हो सकता है जिसे सालों से update नहीं मिला।
पुराने apps का एक और नुकसान यह है कि वे नए Android features के साथ काम नहीं करते। जैसे नए Android versions में battery optimization के नियम बदल जाते हैं। पुराने apps इन नियमों को समझ नहीं पाते और battery ज़्यादा खाते हैं। साथ ही उनमें security holes भी हो सकते हैं जिन्हें developer ने fix नहीं किया।
अगर आपको किसी पुराने app का कोई अच्छा alternative मिल जाए, तो तुरंत switch कर लें। Play Store में हर category में दर्जनों options मिलते हैं। थोड़ा search करने पर आपको कोई ऐसा app मिल जाएगा जो regularly update होता है और बेहतर काम करता है।
सोशल media और entertainment apps की सच्चाई
सोशल media apps हमारे फ़ोन का सबसे बड़ा हिस्सा होते हैं। WhatsApp, Instagram, Facebook, YouTube, Snapchat, Telegram, X और न जाने क्या क्या। इनमें से कई apps हम रोज़ use करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो महीने में एक बार खुलते हैं।
इन apps की सबसे बड़ी समस्या यह है कि ये storage में बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं। हर photo, हर video, हर post का data cache में जमा होता रहता है। समय के साथ कोई सोशल media app कई सौ MB से लेकर कुछ GB तक की जगह घेर सकता है। अगर आप उसे regularly use नहीं करते, तो यह सिर्फ बेकार का बोझ है।
अपने फ़ोन में देखें कि कौन से सोशल media apps हैं और उनमें से कितने आपने पिछले हफ्ते खोले। जो app पिछले हफ्ते नहीं खुला, उसे delete कर दें। आप चाहें तो browser में उस service को use कर सकते हैं। जैसे Facebook और Instagram browser में भी चलते हैं। अगर कभी कभार देखना हो, तो browser काफी है।
Entertainment apps के साथ भी यही बात है। JioHotstar, Netflix, Prime Video, Zee5, SonyLIV और भी बहुत से apps हैं। JioCinema और Disney+ Hotstar अब मिलकर एक ही app, JioHotstar, बन चुके हैं, इसलिए अगर आपके फ़ोन में दोनों पुराने app पड़े हैं, तो एक को हटा देना ही ठीक है। क्या आपने सभी की subscription ली हुई है? अगर नहीं, तो बिना subscription वाले apps का कोई फायदा नहीं है। और अगर किसी app को आप महीने में एक बार भी नहीं खोलते, तो उसे delete कर दें।
इन apps का एक और नुकसान है। ये notifications भेजते रहते हैं। हर नए show, हर नई post, हर नए offer की notification आती रहती है। इससे ध्यान भटकता है और battery भी खर्च होती है। जितने कम entertainment apps होंगे, फ़ोन उतना ही शांत रहेगा।
Games का जाल
Games सबसे ज़्यादा storage लेते हैं। एक अच्छा game आसानी से 2 से 4 GB का होता है। कुछ बड़े games तो 10 GB तक के भी होते हैं। अगर आपके फ़ोन में पाँच छह games पड़े हैं, तो storage का आधा हिस्सा उन्हीं ने खाया होगा।
सबसे पहले यह देखें कि कौन से games आपने पिछले महीने खेले हैं। जो game पिछले महीने नहीं खुला, उसे delete कर दें। आप चाहें तो उसका data backup कर सकते हैं। कई games में Google Play Games की मदद से progress save रहता है। delete करने के बाद भी जब दोबारा install करेंगे, तो progress वापस मिल जाएगा।
कुछ games ऐसे होते हैं जिन्हें हम सिर्फ time pass के लिए install करते हैं। जैसे कोई puzzle game, कोई racing game या कोई card game। ऐसे games को delete करने में हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। जब मन करेगा, दोबारा install कर लेंगे।
एक और बात ध्यान देने वाली है। कई games में ads बहुत आते हैं और वे background में भी data use करते रहते हैं। ऐसे games को delete करने से battery और data दोनों बचते हैं। अगर आप casual gaming के लिए कोई game रखना चाहते हैं, तो एक ही रखें, पाँच नहीं।
यह भी देखें कि game का size कितना है। अगर कोई simple सा game 1 GB से ज़्यादा ले रहा है, तो समझ जाइए कि उसमें बहुत सारा unnecessary data भरा है। ऐसे games को delete करना ही सही है। हल्के games भी मज़ेदार होते हैं और storage भी कम लेते हैं।
सफाई के बाद फ़ोन को हल्का रखने की आदतें
बेकार apps हटाने के बाद सबसे ज़रूरी काम है कि फ़ोन दोबारा उसी हालत में न पहुँचे। इसके लिए कुछ आदतें बना लेनी चाहिए। ये आदतें छोटी हैं, लेकिन इनका असर लंबे समय तक रहता है।
हर महीने एक बार apps की list ज़रूर देखें
महीने के पहले रविवार को दस मिनट निकालें। Settings में जाकर apps की list खोलें। जो apps पिछले महीने नहीं खुले, उन्हें delete कर दें। यह दस मिनट की आदत आपके फ़ोन को हमेशा हल्का रखेगी।
नया app install करने से पहले सोचें
जब भी कोई नया app install करें, खुद से पूछें कि क्या यह सच में ज़रूरी है। क्या browser में वह काम नहीं हो सकता? क्या कोई पहले से installed app वह काम नहीं कर सकता? अगर जवाब नहीं है, तभी install करें।
काम खत्म होते ही app delete करें
अगर कोई app किसी खास काम के लिए डाला है, तो काम खत्म होते ही उसे delete कर दें। जैसे कोई exam result app, कोई event का app या कोई temporary photo editor। इसे फ़ोन में पड़ा रहने देने का कोई फायदा नहीं है।
Cache regularly clear करते रहें
कभी-कभी उन apps का cache साफ़ कर दें जो सबसे ज़्यादा जगह घेरते हैं, जैसे सोशल media और browser। नए Android में यह सब apps का एक साथ नहीं होता, इसलिए Settings में उस app के storage पेज पर जाकर Clear cache दबाएँ। इससे जमा हुआ temporary data हट जाता है। ध्यान रहे, Clear data मत दबाइए, उससे login और saved चीज़ें मिट जाती हैं।
Auto update पर नज़र रखें
Play Store में apps अपने आप update होते रहते हैं और अक्सर हर update के साथ app थोड़ा भारी होता जाता है। Play Store की Settings में auto update को सिर्फ Wi-Fi पर रखें, ताकि mobile data न खर्च हो। जो apps आप use ही नहीं करते, उन्हें update करने के बजाय हटा देना बेहतर है।
Quick checklist: आज ही करने वाले काम
यह छोटी सी checklist आपके काम को आसान बना देगी। एक एक करके हर point को पूरा करते जाइए। पूरा काम आधे घंटे में हो जाएगा।
- Settings में जाकर apps की list खोलें और size के हिसाब से sort करें।
- ऐसे apps ढूँढें जिन्हें आपने install नहीं किया था और जिनकी ज़रूरत नहीं है। उन्हें uninstall या disable करें।
- एक ही काम के दो apps में से एक को हटा दें।
- Battery section में जाकर देखें कि कौन से apps background में battery खा रहे हैं।
- Data usage section में जाकर देखें कि कौन से apps background में data खा रहे हैं।
- पिछले तीन महीने से न खुले apps को delete करें।
- हर app की permissions देखें और बेवजह की permissions हटा दें।
- दो साल से update न मिले apps को delete करें।
- बिना subscription वाले entertainment apps को delete करें।
- पिछले महीने न खेले गए games को delete करें।
- सोशल media apps में से जो browser में चल सकते हैं, उन्हें delete करें।
- आखिर में सबसे भारी apps का cache साफ़ करें।
इतना करने के बाद आपका फ़ोन पहले से काफी हल्का और तेज़ महसूस होगा। Storage में जगह बनेगी, battery लंबी चलेगी और फ़ोन की speed भी बेहतर होगी। यह पूरा process मुश्किल नहीं है, बस थोड़ी सी मेहनत और सही नज़र चाहिए। अगली बार जब कोई app install करें, तो सोच समझ कर करें। आपका फ़ोन आपको धन्यवाद कहेगा।







