सुबह का अलार्म बजता है, आप उठते हैं, चाय बनाते हैं और सोचते हैं कि आज जिम जाना है। फिर ऑफिस का मेल देखते हैं, बच्चों को स्कूल भेजते हैं, और शाम तक एनर्जी बिल्कुल खत्म हो जाती है। जिम का ख्याल आता भी है तो ट्रैफिक और महीने की फीस देखकर इरादा ठंडा पड़ जाता है। यह कहानी शायद आपकी भी हो।
अच्छी बात यह है कि अब आपको फिट रहने के लिए जिम के भरोसे नहीं रहना पड़ता। आपके Android फोन में ही कुछ ऐसे फ्री ऐप्स मौजूद हैं जो आपके कमरे को ही जिम बना सकते हैं। चाहे आपको योग करना हो, पेट की चर्बी घटानी हो या सिर्फ रोज हल्की स्ट्रेचिंग करनी हो, ये ऐप्स आपको शुरू से लेकर पसीना बहाने तक गाइड करते हैं। आइए ऐसे ही 8 काम के फिटनेस ऐप्स पर नजर डालते हैं। इनके बुनियादी फीचर फ्री मिलते हैं, पर कुछ में पेड हिस्सा भी हो सकता है और ऐप्स समय के साथ बदलते रहते हैं, इसलिए Play Store पर एक बार देख लें।
1. Home Workout – No Equipment
जिन लोगों के पास डम्बल या रेजिस्टेंस बैंड नहीं है, उनके लिए यह ऐप किसी वरदान से कम नहीं है। Home Workout ऐप का पूरा फोकस बॉडीवेट एक्सरसाइज पर है। इसका मतलब है कि आपको सिर्फ अपने शरीर का वजन इस्तेमाल करना है, कोई सामान खरीदने की जरूरत नहीं।
ऐप खोलते ही आपको अलग-अलग हिस्सों के हिसाब से वर्कआउट प्लान दिख जाते हैं। एब्स, चेस्ट, लेग्स, आर्म्स और फुल बॉडी के लिए अलग सेशन हैं। हर एक्सरसाइज के साथ एक छोटी सी एनिमेशन या वीडियो होती है जिससे समझना आसान हो जाता है कि पुशअप सही तरीके से कैसे करना है या स्क्वाट में कमर कितनी नीचे ले जानी है।
कैसे शुरू करें
- पहले हफ्ते में सिर्फ Beginner प्लान चुनें, भले ही आपको लगे कि आप ज्यादा कर सकते हैं।
- रोज का टाइम 10 मिनट रखें। शरीर को आदत डालने दें।
- हर एक्सरसाइज के बीच 20 से 30 सेकंड का रेस्ट लें।
सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं वह यह है कि पहले दिन ही 30 मिनट का एडवांस वर्कआउट चुन लेते हैं। अगले दिन बदन में इतना दर्द होता है कि ऐप खोलने का मन ही नहीं करता। इससे बचने के लिए धीरे शुरुआत करें और हफ्ते में चार दिन से ज्यादा न करें।
ऐप का रिपोर्ट सेक्शन आपको बताता है कि आपने कितने दिन लगातार वर्कआउट किया। यह छोटी सी चीज आदत बनाने में काफी मदद करती है क्योंकि कैलेंडर पर लगातार हरे निशान देखकर अच्छा लगता है।
2. Nike Training Club
Nike Training Club उन लोगों के लिए बढ़िया है जिन्हें घर पर ही जिम जैसा स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग चाहिए। इस ऐप में वर्कआउट की लाइब्रेरी काफी बड़ी है और हर लेवल के लिए कुछ न कुछ मौजूद है। चाहे आपको सिर्फ 15 मिनट की क्विक सेशन चाहिए या 45 मिनट की फुल बॉडी ट्रेनिंग, आपको दोनों मिल जाएंगे।
इस ऐप की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें ट्रेनर की आवाज आपको गाइड करती रहती है। जब आप प्लैंक होल्ड कर रहे होते हैं और हार मानने का मन करता है, तब ट्रेनर का कहना कि बस 10 सेकंड और, सच में काम करता है। वीडियो में एक्सरसाइज की सही फॉर्म दिखाई जाती है, जिससे चोट लगने का डर कम रहता है।
किनके लिए सही है
- जिन्हें खुद से प्लान नहीं बनाना आता, वे यहां रेडीमेड प्रोग्राम फॉलो कर सकते हैं।
- जिन्हें वीडियो देखकर नहीं बल्कि सुनकर गाइडेंस चाहिए।
- जो थोड़ा एडवांस लेवल पर जाना चाहते हैं लेकिन जिम नहीं जा सकते।
एक बात ध्यान रखें कि कुछ वर्कआउट्स में डम्बल या मैट की जरूरत पड़ सकती है। अगर आपके पास डम्बल नहीं हैं तो पानी की भरी बोतलें या किताबों से भरा बैग भी काम चला सकता है। शुरुआत में बिना उपकरण वाले वर्कआउट ही चुनें ताकि बीच में अटकना न पड़े।
Nike Training Club का इंटरफेस साफ है और विज्ञापनों का झंझट नहीं है। यही वजह है कि यह घर पर वर्कआउट शुरू करने वालों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है।
3. FitOn
अगर आपको अकेले एक्सरसाइज करने में बोरियत होती है तो FitOn आपके काम का ऐप है। इसमें सेलिब्रिटी ट्रेनर्स के साथ वर्कआउट करने का मजा आता है। कार्डियो, डांस, योगा और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी कई तरह की क्लास इसमें मिल जाती हैं। प्रेग्नेंसी, चोट या किसी बीमारी में कोई भी वर्कआउट शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें।
FitOn की खासियत है इसका एनर्जी से भरा माहौल। ट्रेनर आपसे ऐसे बात करते हैं जैसे आप उनके साथ किसी क्लास में हों। अगर आपका मूड हल्का डांस करने का है तो Dance Cardio सेशन चुन सकते हैं, और अगर दिन भर की थकान उतारनी है तो Yoga या Stretching सेशन।
शुरुआत के लिए टिप्स
- सबसे पहले 10 से 15 मिनट की Low Impact क्लास चुनें।
- अपना कैमरा बंद रखें, शुरुआत में खुद को स्क्रीन पर देखकर शर्माने की जरूरत नहीं।
- हफ्ते में दो दिन कार्डियो और दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का कॉम्बिनेशन बनाएं।
कई लोग सोचते हैं कि घर पर अकेले वर्कआउट करने में मजा नहीं आता। FitOn इसी सोच को तोड़ता है क्योंकि वर्कआउट के दौरान लगता है कि कोई आपके साथ है और आपको मोटिवेट कर रहा है।
यह ऐप खासकर उन लोगों को पसंद आएगा जिन्हें जिम का माहौल पसंद नहीं लेकिन ग्रुप क्लास जैसा फील चाहिए। बस एक बार अपना फिटनेस गोल सेट कर लें, फिर ऐप आपके हिसाब से वर्कआउट सुझाता रहता है।
4. Lose Weight App for Men
नाम से ही साफ है कि यह ऐप खासकर पुरुषों के लिए बनाया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि महिलाएं इसे इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। जिन पुरुषों के पेट के आसपास चर्बी जमा हो गई है और जो घर बैठे वजन घटाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सीधा और सरल ऐप है।
इस ऐप में वर्कआउट प्लान 30 दिनों के हिसाब से बने होते हैं। हर दिन की एक्सरसाइज पहले से तय होती है। आपको सिर्फ ऐप खोलना है और जो बताया जाए वह करना है। एक्सरसाइज में ज्यादातर वही चीजें होती हैं जो पेट और कमर पर काम करती हैं, जैसे क्रंचेस, लेग रेज, माउंटेन क्लाइंबर और बर्पीज।
क्या ध्यान रखें
- सिर्फ पेट की एक्सरसाइज से पेट की चर्बी नहीं घटती। पूरे शरीर का वर्कआउट जरूरी है।
- खाने पर ध्यान दिए बिना सिर्फ ऐप से नतीजा धीमा रहेगा।
- हर एक्सरसाइज की रिपीटेशन पूरी करने से ज्यादा जरूरी सही फॉर्म है।
ऐप का डिजाइन आसान है और हर एक्सरसाइज के साथ एनिमेशन दिखता है। शुरुआत में कुछ एक्सरसाइज मुश्किल लग सकती हैं, खासकर अगर लंबे समय से कोई फिजिकल एक्टिविटी न की हो। ऐसे में बीच में रुकना गलत नहीं है। धीरे-धीरे शरीर की क्षमता बढ़ेगी और वही एक्सरसाइज आसान लगने लगेंगी।
यह ऐप उन लोगों के लिए सही है जिन्हें रोज क्या करना है यह सोचने की झंझट नहीं चाहिए। प्लान पहले से बना होता है, बस फॉलो करना होता है।
5. Leap Fitness Step Counter
वर्कआउट तो ठीक है, लेकिन पूरे दिन की एक्टिविटी का भी उतना ही रोल है। Leap Fitness का Step Counter ऐप (या कोई भी भरोसेमंद पेडोमीटर ऐप) आपके चलने पर नजर रखता है और हल्की-फुल्की एक्टिविटी को भी ट्रैक करता है। यह उन लोगों के लिए बहुत काम का है जो पूरा दिन डेस्क पर बैठे रहते हैं और सोचते हैं कि उनका वर्कआउट तो हो ही नहीं पाता।
फोन को जेब में रखकर चलने पर यह ऐप कदम गिनता है। इसके अलावा यह कैलोरी बर्न का अंदाजा भी देता है और दिन भर की एक्टिविटी का ग्राफ दिखाता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह बैकग्राउंड में चुपचाप काम करता रहता है। हां, बैटरी की बचत वाली सेटिंग ऐप को बंद कर दे तो कदम गिनना रुक सकता है, इसलिए उसे बैटरी प्रतिबंध से बाहर रखें।
रोजाना इस्तेमाल के तरीके
- सुबह उठते ही एक टारगेट सेट करें, जैसे 6000 कदम।
- ऑफिस में हर घंटे 5 मिनट टहलने की आदत डालें।
- फोन पर बात करते समय बैठे रहने की जगह कमरे में घूमें।
कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ जिम या वर्कआउट से ही फिटनेस बनती है। सच यह है कि पूरे दिन की छोटी-छोटी हरकतें मिलकर बड़ा फर्क डालती हैं। अगर आप रोज 30 मिनट वर्कआउट करते हैं लेकिन बाकी 10 घंटे कुर्सी से चिपके रहते हैं तो नतीजा धीमा रहेगा।
Step Counter ऐप आपको यह अहसास कराता है कि आप असल में कितना चल रहे हैं। कई बार हमें लगता है कि हम बहुत घूम लिए, लेकिन ऐप खोलकर देखते हैं तो पता चलता है कि मुश्किल से 2500 कदम हुए हैं। यही जागरूकता आपको ज्यादा चलने के लिए प्रेरित करती है।
6. Yoga for Beginners जैसे योग ऐप
योग सिर्फ बुजुर्गों के लिए नहीं है। कमर या गर्दन की अकड़न, कमजोर नींद और तनाव से जूझ रहे युवाओं को हल्का योग अक्सर आराम देता है, हालांकि यह इलाज का विकल्प नहीं है। इस नाम से Play Store पर कई ऐप मिलते हैं, इसलिए अच्छी रेटिंग और साफ वीडियो या फोटो वाला ऐप चुनें। ऐसा ऐप उन लोगों के लिए है जिन्होंने कभी योग नहीं किया या जिन्हें योग के नाम सही से याद नहीं रहते।
इस ऐप में हर आसन की फोटो और स्टेप बाय स्टेप जानकारी दी गई है। शुरुआत में आपको सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, भुजंगासन और शवासन जैसे बेसिक आसन सिखाए जाते हैं। हर आसन के साथ बताया जाता है कि उसे कितनी देर होल्ड करना है और किस समय करना सही रहता है।
योग शुरू करने से पहले
- खाली पेट योग करें या भारी खाना खाने के कम से कम दो-तीन घंटे बाद।
- जमीन पर मैट या मोटा कपड़ा बिछाएं।
- आरामदायक कपड़े पहनें जिनमें हाथ-पैर आसानी से मुड़ सकें।
सबसे बड़ी गलती जो लोग योग में करते हैं वह है जल्दी में आसन करना। योग का मतलब ही है धीरे-धीरे शरीर को खोलना। अगर आप किसी आसन में झटका लगाकर जाने की कोशिश करेंगे तो मांसपेशियां खिंच सकती हैं। इसलिए हर आसन में धीरे जाएं और अपनी सांस पर ध्यान दें।
यह ऐप उन लोगों के लिए भी सही है जो सुबह उठकर भारी वर्कआउट नहीं कर सकते लेकिन शरीर में हल्कापन चाहते हैं। रोज 15 से 20 मिनट का योग दिन की शुरुआत हल्की और शांत बना सकता है।
7. Fitify
Fitify उन लोगों के लिए है जो बिना जिम जाए थोड़ा व्यवस्थित ट्रेनिंग करना चाहते हैं। इसमें आप अपना गोल चुनते हैं, जैसे मसल्स बनाना, वजन घटाना या स्टैमिना बढ़ाना, और ऐप उसी हिसाब से वर्कआउट सुझाता है। एक्सरसाइज की लाइब्रेरी काफी बड़ी है और हर मूव का छोटा वीडियो साथ में दिखता है।
कुछ वर्कआउट सिर्फ बॉडीवेट पर आधारित हैं तो कुछ में डम्बल या बैंड की जरूरत पड़ती है। अगर आपके पास कोई उपकरण नहीं है तो शुरुआत में बिना उपकरण वाले वर्कआउट ही चुनें। ध्यान रखें कि इस ऐप के कुछ फीचर पेड हो सकते हैं, इसलिए डाउनलोड के बाद देख लें कि फ्री हिस्से में आपके काम का प्लान मिल रहा है या नहीं।
प्लान कैसे चुनें
- अगर आपका लक्ष्य वजन घटाना है तो कार्डियो और पूरे शरीर वाले प्रोग्राम से शुरू करें।
- अगर आप पतले हैं और मसल्स बनाना चाहते हैं तो स्ट्रेंथ वाला प्रोग्राम लें।
- हफ्ते में तीन दिन से शुरू करें, फिर धीरे-धीरे चार या पांच दिन करें।
ऐप का टाइमर और रिपिटिशन गाइडेंस काफी काम का है। आपको खुद गिनती नहीं रखनी पड़ती, इसलिए वर्कआउट पर पूरा ध्यान रहता है। एक आम गलती यह है कि लोग बहुत ज्यादा वेट उठाने की कोशिश करते हैं या एक्सरसाइज की स्पीड बहुत तेज कर देते हैं। इससे चोट लगने का खतरा बढ़ता है। हमेशा फॉर्म पर ध्यान दें, स्पीड पर नहीं।
8. Samsung Health
Samsung Health सिर्फ Samsung फोन वालों के लिए नहीं है। यह दूसरे Android फोन पर भी चल जाता है, हालांकि कुछ सेंसर वाले फीचर फोन या घड़ी पर निर्भर करते हैं। यह आपकी रोज की एक्टिविटी का हिसाब रखता है: कदम, एक्सरसाइज, नींद और पानी पीने की आदत सब एक जगह दिखते हैं। अगर आप पहले से कोई वर्कआउट ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह उसके साथ जुड़कर आपका पूरा डेटा एक जगह दिखा सकता है।
यह बात भी जान लें कि Google ने अपना पुराना Google Fit ऐप धीरे-धीरे बंद करने की राह पकड़ी है और फोन की हेल्थ जानकारी जोड़ने का काम अब Health Connect जैसे सिस्टम से होता है। इसलिए नया ट्रैकर चुनते समय ऐसा ऐप लें जो Health Connect के साथ काम करता हो।
Samsung Health को कैसे इस्तेमाल करें
- फोन को हमेशा अपने पास या जेब में रखें ताकि कदम सही गिने जाएं।
- अपना वर्कआउट मैन्युअली भी लॉग कर सकते हैं अगर फोन साथ नहीं था।
- सोने का समय और वजन भी इसमें सेव कर सकते हैं ताकि पूरा हेल्थ रिकॉर्ड एक जगह रहे।
जिन लोगों को अलग-अलग ऐप्स का झंझट पसंद नहीं, वे सिर्फ एक ट्रैकर रखकर भी अपनी एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं। यह ऐप आपको यह भी बताता है कि आप दिन में कितनी देर एक्टिव रहे और कितनी देर बैठे रहे। यह छोटी सी जानकारी आपकी आदतें बदलने में बड़ी मदद करती है।
शुरुआत करने से पहले की छोटी चेकलिस्ट
ऐप डाउनलोड करने से पहले कुछ बातें तय कर लेना जरूरी है। बिना तैयारी के शुरू किया गया वर्कआउट अक्सर एक हफ्ते में बंद हो जाता है। यह चेकलिस्ट आपको ट्रैक पर रखेगी।
- जगह तय करें: घर का एक कोना ऐसा चुनें जहां आप दोनों हाथ फैलाकर घूम सकें। टीवी के सामने की जगह अक्सर सबसे सही रहती है।
- कपड़े और जूते निकालें: ढीले कपड़े और अच्छे स्पोर्ट्स शूज पहनें। नंगे पैर कूदने से घुटनों पर दबाव पड़ता है।
- पानी की बोतल पास रखें: वर्कआउट के बीच में पानी पीने के लिए उठकर जाना फ्लो तोड़ देता है।
- फोन साइलेंट करें: वर्कआउट के 20 मिनट सिर्फ आपके लिए हैं। कॉल और नोटिफिकेशन का जवाब बाद में दें।
- एक छोटा गोल लिखें: जैसे कि इस हफ्ते चार दिन 15 मिनट वर्कआउट करना है। बड़ा गोल बाद में बनाएं।
- खाने का ध्यान रखें: वर्कआउट के तुरंत बाद भारी खाना न खाएं। हल्का नाश्ता या प्रोटीन वाली चीज लें।
- एक ही ऐप से शुरुआत करें: एक साथ चार ऐप्स डाउनलोड करने से कंफ्यूजन होता है। पहले एक ऐप चुनें और दो हफ्ते उसी से जुड़े रहें।
- आराम को गंभीरता से लें: मसल्स आराम के दौरान बनती हैं। लगातार रोज वर्कआउट करना शुरुआत में नुकसान कर सकता है।
याद रखें, फिटनेस कोई दो हफ्ते का प्रोजेक्ट नहीं है। यह रोज की छोटी आदतों से बनती है। ऊपर बताए गए ऐप्स में से कोई भी एक ऐप चुनें, उसे खोलें और आज ही 10 मिनट निकालें। बस शुरुआत करना ही सबसे बड़ा कदम है।







