नौकरी ढूँढने के लिए 7 उपयोगी मोबाइल ऐप्स

LinkedIn, Naukri, Indeed और Apna जैसे ऐप्स का सही इस्तेमाल, कौशल सीखने और आवेदन के बाद फॉलो-अप करने के तरीके, और फर्जी नौकरी के झाँसों से बचने की सलाह एक ही जगह।

नौकरी ढूँढने के लिए 7 उपयोगी मोबाइल ऐप्स

सुबह के 9 बजे हैं। चाय ठंडी हो रही है और आप मोबाइल पर बार-बार वही सवाल सर्च कर रहे हैं, “मेरे आस-पास नौकरी कहाँ है?” दोस्त का रेफ़रल नहीं आया, अख़बार के पन्ने पलट चुके, और कंपनियों की वेबसाइट पर फॉर्म भरते-भरते आँखें थक गई हैं। आजकल बहुत-सी भर्तियाँ सबसे पहले मोबाइल स्क्रीन पर ही दिखती हैं, और जो लोग सही ऐप्स को रोज़ की आदत बना लेते हैं, उन्हें आम तौर पर मौके पहले दिख जाते हैं।

यहाँ सिर्फ ऐप्स की सूची नहीं है। बात इसकी भी होगी कि हर ऐप को रोज़ की ज़िंदगी में कैसे इस्तेमाल करें, कहाँ लोग अक्सर गलती कर देते हैं, और बिना किसी बड़ी जान-पहचान के भी अच्छी नौकरी तक कैसे पहुँचा जा सकता है। कोई भी ऐप नौकरी की गारंटी नहीं देता, पर सही तरीके से इस्तेमाल करने पर आपके मौके ज़रूर बढ़ते हैं।

1. LinkedIn: सिर्फ प्रोफ़ाइल बनाना ही काफी नहीं है

LinkedIn का नाम सुनते ही बहुत लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ बड़ी कंपनियों के मैनेजरों के लिए है। हकीकत में, अगर आप किसी भी शहर में सेल्स, मार्केटिंग, अकाउंट्स या ऑफिस की नौकरी ढूँढ रहे हैं, तो यह ऐप आपका पहला पता होना चाहिए। यहाँ भर्ती करने वाले खुद सर्च करते हैं कि कौन उपलब्ध है।

सबसे आम गलती यह है कि लोग एक बार नाम, शहर और पुरानी नौकरी भरकर ऐप बंद कर देते हैं। उसके बाद वे शिकायत करते हैं कि कोई कॉल नहीं आया। LinkedIn पर आपकी प्रोफ़ाइल एक ऐसे बायोडाटा की तरह है जो 24 घंटे खुला रहता है। इसमें अपना काम साफ शब्दों में लिखें। जैसे “दुकान पर सेल्स का काम” न लिखकर लिखें “रिटेल काउंटर पर रोज़ाना 50 से ज़्यादा ग्राहकों को संभाला और महीने का टारगेट पूरा किया।” इससे भर्ती करने वाले को भरोसा होता है कि आप काम समझते हैं।

रोज़ाना 10 मिनट इस ऐप पर बिताएँ। अपने शहर की कंपनियों को फॉलो करें, उनके HR वालों को जोड़ें, और जब कोई पोस्ट डाले तो एक सीधी-सादी टिप्पणी करें। “बहुत बढ़िया जानकारी” जैसी बेकार बात न लिखें। इसके बजाय अगर किसी ने भर्ती की पोस्ट डाली है, तो कमेंट में पूछ सकते हैं कि क्या फ्रेशर लोग आवेदन कर सकते हैं। इससे आपका नाम उनकी नज़र में रहता है और आगे का रास्ता आसान बनता है।

2. Naukri.com: पुराना, मगर अब भी काम का

Naukri.com भारत में नौकरी खोजने का सबसे पुराना और भरोसेमंद तरीका है। बहुत से छोटे और मझोले दफ्तर आज भी सबसे पहले अपनी भर्ती यहीं डालते हैं। खासकर अकाउंट्स, बैंकिंग, बैक ऑफिस, फील्ड सेल्स और इंश्योरेंस जैसी नौकरियों के लिए यह ऐप काफी सीधा और असरदार है।

इस ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपके बायोडाटा को उन कंपनियों तक पहुँचाता है जो खुद उम्मीदवार खोज रही होती हैं। लेकिन ध्यान रखें, अपलोड किया हुआ बायोडाटा साफ और एक पेज का होना चाहिए। अगर आपने पुराना फोटो वाला, घिसा-पिटा फॉर्मेट डाल रखा है, तो भर्ती करने वाले उसे खोलकर बंद कर देते हैं। बायोडाटा में सबसे ऊपर अपना मोबाइल नंबर, शहर और कुल अनुभव साफ लिखें।

एक और बात, अपनी प्रोफ़ाइल को बीच-बीच में अपडेट करते रहें, क्योंकि भर्ती करने वाले अक्सर हाल में अपडेट हुई प्रोफ़ाइल पहले देखते हैं। जो नौकरी आपके काम से मिलती हो, उस पर जल्दी आवेदन करें, क्योंकि देर होने पर आवेदनों की भीड़ में आपका फॉर्म नीचे दब सकता है। एक क्लिक वाला आवेदन आसान होता है, पर जहाँ कंपनी कुछ पूछे या लिखने की जगह दे, वहाँ दो-तीन पंक्तियों का छोटा नोट ज़रूर लिख दें। Monster India अब foundit के नाम से चलता है, और वह भी एक जाना-पहचाना पोर्टल है। अगर आपके पुराने फोन में Monster वाला ऐप पड़ा है, तो नाम बदलने की वजह से उसे पहचानने में गड़बड़ न करें।

3. Indeed: हर तरह की नौकरी एक ही जगह

Indeed की खासियत यह है कि यह अलग-अलग वेबसाइटों और कंपनियों की भर्तियों को इकट्ठा करके एक जगह दिखा देता है। अगर आपको नहीं पता कि किस कंपनी में काम करना है और बस कोई ठीक-ठाक नौकरी चाहिए, तो यह ऐप काम आता है। इसमें दफ़्तर और दुकान से लेकर डेटा एंट्री और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे कामों तक की कई तरह की वैकेंसी दिख जाती हैं।

यहाँ सबसे उपयोगी चीज़ है लोकेशन फिल्टर। अपने इलाके का नाम डालें और दूरी तय करें, जैसे 5 किलोमीटर या 10 किलोमीटर। इससे आपको उन नौकरियों में समय बर्बाद नहीं करना पड़ता जो शहर के दूसरे छोर पर हैं और जहाँ आने-जाने में आधी तनख्वाह खर्च हो जाए। साथ ही वेतन का अंदाज़ा देखना न भूलें, हालाँकि वह हमेशा सही नहीं होता। उसे सिर्फ मोटा अंदाज़ा मानें और असली वेतन भर्ती करने वाले से पूछकर तय करें।

Indeed पर बहुत सारे छोटे दुकानदार और ठेकेदार भी अपनी ज़रूरत डालते हैं। ऐसे में फोन नंबर सीधा दिया हो तो कॉल करने से न हिचकिचाएँ। लेकिन कॉल काम के घंटों में ही करें। फोन उठाते ही साफ बोलें, “नमस्ते, मैं आपकी Indeed वाली पोस्ट देखकर बात कर रहा हूँ।” यह सीधी बात सुनकर सामने वाला आपको गंभीरता से लेता है। बहुत से लोग लंबी भूमिका बाँधने लगते हैं, जिससे मौका हाथ से निकल जाता है।

4. Apna: ब्लू कॉलर और स्थानीय नौकरियों का भरोसेमंद साथी

Apna ऐप खासकर छोटे शहरों और कस्बों में नौकरी ढूँढने वालों के बीच जाना जाता है। इसमें सेल्स, डिलीवरी, टेलीकॉलिंग, मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन, सिक्योरिटी गार्ड और ऐसी ही कई नौकरियाँ होती हैं जो बड़े जॉब पोर्टल पर कम दिखती हैं। यह ऐप हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में भी चलता है, इसलिए जिन्हें अंग्रेज़ी से दिक्कत होती है उनके लिए यह बहुत आरामदायक है।

यहाँ प्रोफ़ाइल बनाना बेहद आसान है। नाम, शहर, काम का प्रकार और मोबाइल नंबर डालिए। इसके बाद ऐप आपके हुनर के हिसाब से नौकरियाँ दिखाने लगता है। कई जगह इंटरव्यू सीधे फोन पर या आस-पास के दफ्तर में होता है। कई बार नौकरी देने वाले जल्दी कॉल कर लेते हैं, क्योंकि उन्हें भी जल्दी आदमी चाहिए होता है। पर अनजान कॉल पर अपनी बैंक जानकारी या OTP कभी न दें, और कोई पैसे माँगे तो रुक जाएँ।

एक आम गलती जो यहाँ दिखती है, वह है गलत शहर चुन लेना। अगर आप इंदौर में रहते हैं और प्रोफ़ाइल में भोपाल डाल दिया, तो आपको गलत जगह की नौकरियाँ आएँगी और कॉल करने पर सामने वाला मना कर देगा। इसलिए सबसे पहले अपनी लोकेशन और काम का अनुभव सही भरें। साथ ही, जो लोग अपना छोटा कारोबार करते हैं, जैसे प्लंबर या पेंटर, वे भी Apna पर अपनी सेवा डाल सकते हैं और ग्राहक पा सकते हैं।

5. कंपनियों के अपने करियर पेज: सीधा रास्ता, कम भीड़

यह कोई अलग ऐप नहीं है, लेकिन सबसे अनदेखा तरीका है। Tata, Reliance, Amazon, Flipkart, BigBasket, Zomato जैसी बड़ी कंपनियाँ अपनी वेबसाइट या ऐप पर “Careers” या “Jobs” का सेक्शन रखती हैं। वहाँ जाकर सीधे आवेदन करने से आप उन हज़ारों लोगों की भीड़ से बच जाते हैं जो सिर्फ जॉब पोर्टल पर आवेदन करते हैं।

इसका तरीका यह है कि जिन 5-7 कंपनियों में आप काम करना चाहते हैं, उनकी लिस्ट बना लें। फिर हर हफ्ते एक दिन तय करें, जैसे सोमवार शाम, और उस दिन सभी कंपनियों के करियर पेज खोलकर नई भर्तियाँ देखें। कई बार कंपनियाँ पहले अपनी साइट पर वैकेंसी डालती हैं और बाद में दूसरे पोर्टल पर। इसलिए आपको वहाँ पहले दिख जाती है।

इस तरीके में मेहनत थोड़ी ज़्यादा है, मगर फायदा भी बड़ा है। कंपनी को लगता है कि आपने सोच-समझकर उन्हें चुना है, इसलिए आपका आवेदन गंभीरता से देखा जाता है। अगर कंपनी के पास ईमेल या फॉर्म है तो वहाँ एक छोटा सा नोट ज़रूर लिखें कि आपको यह कंपनी क्यों पसंद है। “मैं आपके शहर के स्टोर में पिछले दो साल से ग्राहक हूँ और वहाँ काम करना चाहता हूँ” जैसी सीधी बात भी काफी असर करती है।

6. कौशल बढ़ाने वाले ऐप्स और वीडियो: नौकरी से पहले हुनर पर काम

कई बार नौकरी न मिलने की असली वजह ऐप की कमी नहीं, बल्कि हुनर की कमी होती है। जैसे किसी को कंप्यूटर पर डेटा एंट्री का काम चाहिए, लेकिन Excel खोलकर एक शीट भी नहीं बना सकते। या किसी को रिसेप्शन की नौकरी चाहिए, लेकिन अंग्रेज़ी में बात करने से घबराते हैं। ऐसे में सीधे जॉब ऐप पर घंटों बिताने से बेहतर है कि हफ्ते में कुछ घंटे सीखने में लगाएँ।

Google पर “Excel basic tutorial” या “spoken English for job interview” खोजें। YouTube पर हज़ारों मुफ्त वीडियो मिलते हैं। इसके अलावा सरकार का Skill India Digital Hub जैसा प्लेटफॉर्म और कई राज्य सरकारों के स्किल डेवलपमेंट के कोर्स भी मोबाइल से देखे जा सकते हैं। कौन-सा कोर्स किस समय उपलब्ध है, यह वहीं जाकर देखें और ऐसे कोर्स चुनें जिनमें पैसे माँगे बिना प्रमाणपत्र मिले। ये सब बुनियादी चीज़ें सिखाते हैं जो नौकरी के पहले दिन काम आती हैं।

मान लीजिए कोई छह महीने से नौकरी ढूँढ रहा है और हर जगह से यही जवाब मिलता है कि कंप्यूटर नहीं आता। अगर वह दो-तीन हफ्ते सिर्फ Excel और ईमेल लिखना सीख ले, तो उसके बायोडाटा में “Basic Computer Skills” लिखना खोखला दावा नहीं रहेगा, बल्कि सच में काम की समझ होगी, और इंटरव्यू में भी यह दिखेगी। इसलिए जॉब ऐप के साथ एक सीखने वाला ऐप या YouTube चैनल भी साथ रखें।

7. WhatsApp और Telegram ग्रुप: छिपा हुआ जॉब मार्केट

भारत में नौकरी की बहुत सारी जानकारी अखबार या बड़े पोर्टल से पहले WhatsApp ग्रुप में घूमती है। आपके शहर के इलाके, मोहल्ले, बिरादरी, पुराने स्कूल या कोचिंग सेंटर के ग्रुप में अक्सर कोई न कोई भर्ती का मैसेज आता रहता है। समस्या यह है कि लोग उसे पढ़कर आगे बढ़ जाते हैं या सोचते हैं कि यह भी कोई काम की चीज़ नहीं होगी।

सही तरीका यह है कि आप अपने जानने वालों को बता दें कि आप नौकरी ढूँढ रहे हैं। शर्मिंदगी छोड़ दें। “भैया, मुझे अकाउंट्स या ऑफिस का काम चाहिए, कहीं पता चले तो बता देना” कहने में कोई बुराई नहीं है। जब कोई ग्रुप में नौकरी का मैसेज डाले, तो उसी वक्त उस नंबर पर अपना बायोडाटा भेजें और साथ में अपना नाम, शहर और कुल अनुभव लिखें।

Telegram पर भी कई शहर-आधारित जॉब चैनल होते हैं। वहाँ “Delhi Jobs” या “Pune Jobs” खोजकर जुड़ सकते हैं। ध्यान रखें कि किसी भी अनजान ग्रुप में पैसे देकर नौकरी दिलाने वाले मैसेज से दूर रहें। असली नौकरी में आपसे पैसे नहीं माँगे जाते। अगर कोई कहे कि पहले रजिस्ट्रेशन फीस दो, तो समझ जाइए कि यह धोखा है।

आवेदन करने के बाद क्या करें: फॉलो-अप का सही तरीका

ज़्यादातर लोग आवेदन करके भूल जाते हैं। फिर हफ्तों बाद सोचते हैं कि किसी ने जवाब क्यों नहीं दिया। सच यह है कि भर्ती करने वालों के पास सैकड़ों आवेदन होते हैं और जो उम्मीदवार हल्का सा फॉलो-अप करता है, उसका नाम ऊपर आ जाता है। फॉलो-अप का मतलब रोज़ फोन घुमाना नहीं है, बल्कि सही समय पर एक सीधी बात करना है।

अगर आपने किसी कंपनी में आवेदन किया है और कुछ दिन बीत गए हैं, तो एक बार फोन या ईमेल कर सकते हैं। कहें, “मैंने पिछले हफ्ते अकाउंटेंट की पोस्ट के लिए आवेदन किया था। क्या मेरा फॉर्म सही पहुँचा?” इतना पूछना गलत नहीं है। इससे सामने वाले को याद आता है कि आप गंभीर हैं। अगर जवाब न आए तो दोबारा परेशान न करें, बस आगे बढ़ जाएँ।

इंटरव्यू के बाद भी एक मैसेज ज़रूर भेजें। “आज का इंटरव्यू अच्छा रहा, धन्यवाद।” यह छोटी सी बात आपको बाकी उम्मीदवारों से अलग करती है। बहुत से लोग सोचते हैं कि इतना करने से वे ज़रूरत से ज़्यादा दिखेंगे, लेकिन असल में भर्ती करने वाले इसे पसंद करते हैं। बस भाषा साफ रखें और लंबे, चिपचिपे मैसेज न भेजें।

रोज़ की आदतें जो नौकरी दिलाने में मदद करती हैं

अब बात करते हैं उन छोटी आदतों की जो महीने भर में बड़ा फर्क लाती हैं। सबसे पहली आदत, रोज़ सुबह 30 मिनट सिर्फ नौकरी की खोज के लिए रखें। यह समय चाय पीते हुए, बिस्तर पर बैठे-बैठे भी निकाला जा सकता है। लेकिन यह रोज़ होना चाहिए, हफ्ते में एक दिन चार घंटे करने से बेहतर है रोज़ थोड़ा समय देना।

दूसरी आदत, अपने बायोडाटा को हर हफ्ते एक बार पढ़ें और उसमें नई चीज़ जोड़ें। जैसे इस हफ्ते आपने कोई छोटा काम सीखा, किसी दुकान पर मदद की, या कोई कोर्स पूरा किया। यह सब लिखते जाएँ। तीसरी आदत, जिन दो-तीन ऐप्स पर आप सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं, उन्हीं पर नोटिफिकेशन चालू रखें। बाकी सब बंद कर दें ताकि फोन की घंटी सुनकर आप भागें नहीं, बल्कि सही मौके पर ही ध्यान दें।

सबसे ज़रूरी आदत है खुद को तैयार रखना। कभी भी कॉल आ सकता है। इसलिए फोन का जवाब साफ आवाज़ में दें। पास में एक कॉपी रखें जिसमें आपने अपनी पुरानी नौकरियाँ, सैलरी और सवाल लिखे हों। घबराहट में लोग सब भूल जाते हैं। यह कॉपी इंटरव्यू के समय आपका सहारा बनती है।

नौकरी की खोज शुरू करने से पहले एक आखिरी चेकलिस्ट

नीचे दी गई बातों को एक बार ज़रूर देख लें। यह चेकलिस्ट आपको भटकने से बचाएगी और सीधे काम की चीज़ों पर ले जाएगी।

  • अपना बायोडाटा एक पेज का, साफ फोटो और सही मोबाइल नंबर के साथ तैयार करें।
  • तीन ऐप्स चुनें: एक बड़ा पोर्टल (जैसे Naukri या Indeed), एक स्थानीय ऐप (जैसे Apna) और LinkedIn। बाकी समय बर्बाद करने वाले ऐप्स हटा दें।
  • अपनी लोकेशन, काम का प्रकार और अपेक्षित सैलरी हर ऐप में एक जैसी भरें।
  • रोज़ सुबह 30 मिनट नई नौकरियाँ देखें और उसी समय आवेदन करें।
  • हर आवेदन का नाम, कंपनी और तारीख एक कॉपी में नोट करें।
  • कुछ दिन बाद एक बार फॉलो-अप कॉल या मैसेज करें।
  • किसी को भी पैसे देकर नौकरी दिलाने का वादा करने वाले से दूर रहें।
  • हफ्ते में एक बार अपना बायोडाटा अपडेट करें और नया हुनर सीखने के लिए 1 घंटा निकालें।

ये सब करने के बाद भी तुरंत नौकरी न मिले, तो निराश न हों। कई बार सही मौका आने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन जो रोज़ मेहनत करता है, उसका नंबर ज़रूर आता है।