रविवार की दोपहर है। आप चाय बना रहे हैं और आपका छह साल का बच्चा आपके फ़ोन से चिपका हुआ है। स्क्रीन पर चमकीले रंग हैं, तेज़ आवाज़ें हैं, और हर दो मिनट में एक विज्ञापन आता है जिसमें कुछ ऐसा दिखता है जो बच्चों के लिए बिल्कुल नहीं है। आप सोचते हैं, काश कुछ ऐसा होता जो बच्चे को पसंद भी आए और आपको भरोसा भी रहे कि वह कुछ सीख रहा है।
अच्छी खबर यह है कि ऐसे गेम मौजूद हैं। यहाँ 9 ऐसे ऐप और गेम चुने गए हैं जो मज़ेदार भी हैं और दिमाग की कसरत भी कराते हैं। किसी में पहेलियाँ हैं, किसी में भाषा, किसी में कोडिंग की पहली सीख और किसी में बस खुलकर खेलने की आज़ादी। एक बात पहले ही साफ़ कर देनी चाहिए: ऐप के नियम, विज्ञापन और खरीदारी के विकल्प समय के साथ बदलते रहते हैं। इसलिए बच्चे को फ़ोन देने से पहले Play Store का पेज खुद देखिए, और खुद भी एक बार खेलकर परख लीजिए।
1. Khan Academy Kids: बिना झंझट की पढ़ाई
Khan Academy Kids एक ऐसा ऐप है जिसमें बच्चा रंगीन किरदारों के साथ अक्षर, गिनती, आकार और छोटी कहानियों के ज़रिए सीखता है। यह एक शिक्षा-केंद्रित संस्था का ऐप है और इसे बिना विज्ञापन और बिना सब्सक्रिप्शन के मुफ़्त बताया जाता है। फिर भी Play Store में ऐप की जानकारी एक बार ज़रूर देख लीजिए।
इसकी अच्छी बात यह है कि यह बच्चे की उम्र और स्तर के हिसाब से गतिविधियाँ बदलता है। चार साल के बच्चे को आसान पहेलियाँ मिलती हैं, और बड़े बच्चे को पढ़ने और जोड़ने-घटाने के काम ज़्यादा मिलते हैं। आपको सेटिंग्स में ज़्यादा कुछ करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
इसे ऐसे इस्तेमाल करें
- रोज़ सिर्फ़ 15 से 20 मिनट का समय तय कीजिए। बच्चे को पहले से पता हो कि इसके बाद फ़ोन बंद होगा।
- शुरू के दो-तीन दिन बच्चे के साथ बैठकर खेलिए, ताकि उसे समझ आए कि क्या करना है।
- बच्चा किसी गतिविधि में अटक जाए, तो उसे छोड़कर आगे बढ़ने दीजिए। ज़बरदस्ती पूरा कराने की ज़रूरत नहीं।
एक आम गलती यह है कि माता-पिता इसे स्कूल के होमवर्क की तरह लेने लगते हैं। यह खेल है, परीक्षा नहीं। बच्चा अगर किसी चीज़ को बार-बार दोहरा रहा है, तो इसका मतलब है कि उसे वह पसंद आ रही है। उसे रोकिए मत।
2. Toca Kitchen 2: अपनी मर्ज़ी की रसोई
Toca Kitchen 2 में बच्चा एक शेफ़ बन जाता है। उसके सामने कुछ किरदार होते हैं, जिन्हें वह खाना खिलाता है। बच्चा खाना काट सकता है, उबाल सकता है, तल सकता है, मिला सकता है और फिर किरदार को परोस सकता है। हर किरदार की पसंद अलग होती है। कोई गाजर देखकर खुश होता है, कोई मुँह बनाता है।
इस खेल में कोई स्कोर नहीं है और कोई हार-जीत नहीं। बच्चा प्रयोग करता है, गलतियाँ करता है और बिना किसी डर के नई चीज़ें आज़माता है। इससे उसे यह भी समझ आता है कि हर किसी की पसंद अलग होती है। ध्यान रखें कि Toca Boca के ज़्यादातर ऐप पैसे देकर खरीदने वाले होते हैं, इसलिए डाउनलोड से पहले पेज पर देख लीजिए।
क्या सीखता है बच्चा
- कारण और असर: टमाटर को ज़्यादा देर उबालेंगे तो वह गल जाएगा।
- दूसरों की भावनाएँ समझना: किरदार का चेहरा बताता है कि उसे खाना पसंद आया या नहीं।
- रचनात्मकता: कोई तय रेसिपी नहीं है, बच्चा जो चाहे बना सकता है।
अगर आप चाहते हैं कि बच्चा खाने के मामले में थोड़ा खुले मन का बने, तो यह खेल मदद कर सकता है। असली रसोई में बच्चे को साथ ले जाइए और पूछिए कि उसने खेल में क्या बनाया था। फिर मिलकर कुछ आसान बनाइए, जैसे सैंडविच या फल की चाट।
3. Thinkrolls 2: दिमागी कसरत का मज़ा
Thinkrolls 2 एक पहेली वाला गेम है जिसमें बच्चे को छोटे गोल किरदारों को रास्ते से निकालकर आगे ले जाना होता है। रास्ते में रुकावटें आती हैं, जैसे पानी, आग, बर्फ और हवा। हर रुकावट के लिए बच्चे को सोचना पड़ता है कि कौन-सा तरीका काम करेगा।
यह गेम भौतिकी की बुनियादी समझ देता है। बच्चा देखता है कि बर्फ पर चीज़ें फिसलती हैं, आग से चीज़ें जलती हैं और हवा हल्की चीज़ों को उड़ा सकती है। कोई भाषण नहीं दिया जाता, बच्चा खुद आज़माकर समझता है।
किस उम्र के लिए
यह लगभग 5 से 9 साल के बच्चों के लिए ठीक बैठता है। छोटे बच्चे शुरुआती लेवल खेल सकते हैं, और बड़े बच्चों के लिए आगे के लेवल काफ़ी चुनौती भरे होते हैं। अगर बच्चा किसी लेवल पर फँस जाए, तो सीधा जवाब बताने की बजाय सवाल पूछिए, जैसे “अगर हम इसे बर्फ पर रख दें तो क्या होगा?”
यह गेम जल्दी खत्म नहीं होता। एक लेवल पूरा करने में कई कोशिशें लग सकती हैं, और यह अच्छी बात है। धैर्य और बार-बार कोशिश करने की आदत यहीं से बनती है।
4. Endless Alphabet: शब्दों से दोस्ती
Endless Alphabet छोटे बच्चों को अंग्रेज़ी के शब्द सिखाता है। स्क्रीन पर एक शब्द आता है और उसके अक्षर बिखर जाते हैं। बच्चे को हर अक्षर को खींचकर सही जगह पर रखना होता है। हर अक्षर का अपना मज़ेदार किरदार होता है, जो अपनी आवाज़ निकालता है।
शब्द पूरा होने पर एक छोटा एनिमेशन दिखता है जो उसका मतलब समझाता है। यानी बच्चा सिर्फ़ वर्तनी नहीं सीखता, शब्द का अर्थ भी देखता है। बड़े-बड़े शब्द भी इस तरह सिखाए जाते हैं कि बच्चे को बोझ नहीं लगता। ऐप में आगे के शब्द-पैक के लिए अलग से खरीदारी के विकल्प हो सकते हैं, इसलिए खरीदारी का पासवर्ड अपने पास रखिए।
कैसे मदद करें
- बच्चे के साथ बैठकर शब्द बोलिए और उसे दोहराने दीजिए।
- खेल में सीखे शब्द को रोज़ की ज़िंदगी से जोड़िए। मसलन “cooperate” सीखा है, तो घर के काम में मिलकर हाथ बँटाते समय वही शब्द इस्तेमाल कीजिए।
- हर दिन दो-तीन नए शब्द ही काफ़ी हैं। पूरा ऐप एक दिन में खत्म करने की ज़रूरत नहीं।
यह खेल उन बच्चों के लिए अच्छा है जो अभी पढ़ना शुरू कर रहे हैं। जो बच्चे स्कूल में अंग्रेज़ी से थोड़ा घबराते हैं, उनके लिए भाषा से दोस्ती करने का यह सहज तरीका है।
5. Sago Mini World: खुली दुनिया, खुला दिमाग
Sago Mini World में कई छोटे-छोटे खेल हैं और हर खेल एक अलग दुनिया है। बच्चा अंतरिक्ष में जा सकता है, समुद्र के अंदर उतर सकता है या जंगल में जानवरों से मिल सकता है। हर जगह वह किरदारों को छूता है, चीज़ों को इधर-उधर करता है और नए नतीजे देखता है।
यह ऐप 3 से 5 साल जैसे छोटे बच्चों के लिए बढ़िया है। इसमें पढ़ना नहीं पड़ता और निर्देश भी नहीं होते। बच्चा बस छूता है और चीज़ें होती हैं। यही इसकी ताकत है। छोटे बच्चे के लिए यह पहला गेम हो सकता है। ध्यान रखें कि यह सब्सक्रिप्शन पर चलने वाला ऐप हो सकता है, इसलिए शुरुआत से पहले शर्तें पढ़ लीजिए।
माता-पिता के लिए सुझाव
- एक बार में एक ही दुनिया खोलिए। बहुत सारे विकल्प मिलें तो छोटा बच्चा उलझ सकता है।
- बच्चे से पूछिए कि वह क्या कर रहा है और उसकी कहानी सुनिए।
- सफ़र में इसे इस्तेमाल कीजिए। बस या ट्रेन में यह ऐप बहुत काम आता है।
इसकी कमी यह है कि इसमें व्यवस्थित पढ़ाई कम है। यह खेल ज़्यादा है, पढ़ाई कम। लेकिन छोटे बच्चों के लिए यही ठीक है, क्योंकि वे खेल से ही सीखते हैं।
6. Lightbot: Code Hour, कोडिंग की पहली सीढ़ी
Lightbot एक पहेली वाला गेम है जो बच्चों को प्रोग्रामिंग की बुनियादी सोच सिखाता है। बच्चे को एक रोबोट को निर्देश देने होते हैं, जैसे आगे चलो, मुड़ो, कूदो। इन निर्देशों को सही क्रम में लगाकर रोबोट को उसकी मंज़िल तक पहुँचाना होता है।
यह खेल सिखाता है कि कंप्यूटर वही करता है जो आप उसे कहते हैं, वह नहीं जो आप सोच रहे हैं। रोबोट गलत जगह पहुँच जाए तो बच्चे को अपने निर्देश दोबारा देखने पड़ते हैं और सोचना पड़ता है कि गलती कहाँ हुई। समस्या हल करने की यह सबसे काम की आदत है।
कैसे शुरू करें
- पहले कुछ लेवल बच्चे के साथ मिलकर कीजिए।
- बच्चा अटके तो सीधा जवाब मत दीजिए। पूछिए, “रोबोट ने ऐसा क्यों किया?”
- बच्चे को अपनी गलती खुद ढूँढने दीजिए। यही असली सीख है।
यह गेम लगभग 8 साल या उससे बड़े बच्चों के लिए ज़्यादा ठीक है। छोटे बच्चों को निर्देशों का मतलब समझने में थोड़ा समय लग सकता है। पर अगर बच्चे को पहेलियाँ पसंद हैं, तो यह उसे ज़रूर भाएगा।
7. Toca Life World: अपनी दुनिया खुद बनाओ
Toca Life World में बच्चा एक बड़ी दुनिया का मालिक होता है। यहाँ घर, दुकानें, स्कूल, अस्पताल और बहुत-से किरदार हैं। बच्चा किरदारों को उठाकर अलग-अलग जगह रख सकता है, चीज़ें इधर-उधर कर सकता है और अपनी कहानी बना सकता है। कोई स्कोर नहीं, कोई जल्दी नहीं।
खेल-खेल में बच्चे को समाज की रोज़ की बातें समझ आती हैं: दुकान पर सामान मिलता है, डॉक्टर बीमार लोगों की मदद करता है, घर में सब मिलकर रहते हैं। यह सब बिना किसी भाषण के, कहानी बनाने के दौरान आ जाता है। ध्यान दें कि ऐप खुद मुफ़्त शुरू होता है, पर अतिरिक्त जगहें और किरदार खरीदने के विकल्प रहते हैं, इसलिए खरीदारी बंद या पासवर्ड वाली रखिए।
घर पर कैसे जोड़ें
- बच्चे से पूछिए कि उसकी दुनिया में आज क्या हुआ।
- खेल में किराने की दुकान है, तो असली दुकान पर जाकर वही चीज़ें दिखाइए।
- बच्चे को अपनी दुनिया बनाने की आज़ादी दीजिए। उसकी पसंद को गलत मत कहिए।
यह गेम मोटे तौर पर 6 से 10 साल के बच्चों को पसंद आता है। इसमें खोजने को बहुत कुछ है, इसलिए बच्चा बार-बार लौटता है। इसी वजह से समय की सीमा पहले से तय कर लेना और भी ज़रूरी है।
8. Monument Valley: सुंदरता और सोच का संगम
Monument Valley देखने में इतना सुंदर है कि आप इसे खुद भी खेलना चाहेंगे। इसमें बच्चा राजकुमारी Ida को अजीब-सी इमारतों के रास्तों से निकालता है। रास्ते सीधे नहीं होते। वे मुड़ते हैं, घूमते हैं और कभी-कभी उल्टे भी लगते हैं।
यह खेल जगह और आकार को समझने की क्षमता बढ़ाता है। बच्चे को सोचना पड़ता है कि रास्ता कैसे जुड़ता है, कौन-सा हिस्सा कहाँ ले जाएगा और अगर इसे घुमा दें तो क्या बदलेगा। कोई टाइमर नहीं है, इसलिए बच्चा आराम से सोच सकता है।
किसके लिए सही है
यह गेम लगभग 8 साल से बड़े बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए है। छोटे बच्चों को पहेलियाँ कठिन लग सकती हैं, पर वे सिर्फ़ देखने के लिए भी इसे खेल सकते हैं। अगर आपके बच्चे को कला या डिज़ाइन में रुचि है, तो उसे यह खास पसंद आएगा।
एक ज़रूरी बात यह है कि यह गेम काफ़ी शांत है। इसमें तेज़ संगीत और चमक-धमक नहीं है। कुछ बच्चों को यह उबाऊ लग सकता है। अगर आपका बच्चा तेज़ रफ़्तार वाले गेम पसंद करता है, तो इसे धीरे-धीरे आज़माइए।
9. Duolingo ABC: पढ़ने की शुरुआत
Duolingo ABC छोटे बच्चों को अंग्रेज़ी पढ़ना सिखाने के लिए बना है। इसमें छोटे-छोटे पाठ हैं, जिनमें अक्षर, आवाज़ें और छोटे शब्द सिखाए जाते हैं। हर पाठ कुछ ही मिनट का होता है और बच्चे को लगता है कि वह कोई खेल खेल रहा है।
इसकी खास बात यह है कि बच्चा खुद पढ़ने की कोशिश करता है। स्क्रीन पर शब्द दिखते हैं और बच्चे को उन्हें पहचानना होता है। धीरे-धीरे शब्द बड़े होते जाते हैं और बच्चा छोटे वाक्य पढ़ने लगता है। ऐप आपके फ़ोन और क्षेत्र में उपलब्ध है या नहीं, यह Play Store पर एक बार जाँच लीजिए।
रोज़ की आदत बनाएँ
- रोज़ एक पाठ कीजिए, बस एक। लंबे सत्र की ज़रूरत नहीं।
- बच्चे को ज़ोर से पढ़ने दीजिए। आवाज़ निकालकर पढ़ने से चीज़ें जल्दी याद होती हैं।
- खेल में जो शब्द सीखा है, उसे घर की किसी चीज़ से जोड़िए। जैसे “cat” सीखा, तो पूछिए, “देखो, बिल्ली कहाँ है?”
यह ऐप उन बच्चों के लिए सही है जो स्कूल शुरू करने वाले हैं या अभी-अभी शुरू किया है। यह स्कूल की पढ़ाई की जगह नहीं लेता, बल्कि उसकी तैयारी में मदद करता है।
शुरू करने से पहले एक छोटी चेकलिस्ट
इन गेम्स को इंस्टॉल करने से पहले कुछ बातें तय कर लीजिए, ताकि बाद में झगड़ा न हो।
- समय तय करें: दिन में कितनी देर खेलना है, यह पहले से तय कीजिए। छोटे बच्चों के लिए 20 से 30 मिनट काफ़ी हैं।
- जगह तय करें: सोने से ठीक पहले स्क्रीन न देखने दें। खाने की मेज़ पर भी नहीं।
- खरीदारी बंद रखें: Play Store की सेटिंग में खरीदारी पर पासवर्ड या बायोमेट्रिक की पुष्टि चालू रखिए। बच्चों के लिए Google का Family Link जैसा पैरेंटल कंट्रोल भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
- साथ में खेलें: हफ़्ते में दो-तीन बार बच्चे के साथ बैठकर खेलिए। इससे आपको पता रहेगा कि वह क्या कर रहा है, और उसे लगेगा कि आप उसकी दुनिया में दिलचस्पी रखते हैं।
- बातचीत करें: खेल खत्म होने के बाद पूछिए कि आज क्या किया, क्या नया सीखा, क्या मुश्किल लगा।
- एक साथ सब इंस्टॉल न करें: एक या दो गेम से शुरू कीजिए। बहुत सारे विकल्प बच्चे को भटका देते हैं।
- खुद भी आज़माएँ: कोई भी गेम बच्चे को देने से पहले खुद 10 मिनट खेलिए। आपको समझ आएगा कि उसमें क्या है और क्या नहीं।
याद रखिए, कोई भी गेम बच्चे की पढ़ाई या परवरिश की जगह नहीं ले सकता। ये सिर्फ़ औज़ार हैं, जो सही तरीके से इस्तेमाल हों तो मदद करते हैं। बच्चे के साथ बिताया समय, उससे बातें करना और उसे दुनिया दिखाना, इनका कोई विकल्प नहीं है। गेम्स को उसी का एक छोटा-सा हिस्सा बनाइए, पूरा समय नहीं।







