रविवार की सुबह है। आप बस से घर जा रहे हैं और रास्ते में एक पुराना गाना सुनने का मन करता है। YouTube खोलते ही वीडियो चलता तो है, लेकिन हर बीस सेकंड में रुककर बफर होता है। तभी कंपनी का मैसेज आता है कि आज का आपका 80 प्रतिशत डेटा खर्च हो चुका है। अब या तो गाना बंद करें या फिर अलग से रिचार्ज कराएँ। यह झुंझलाहट सिर्फ आपकी नहीं है। भारत में बहुत से लोग रोज़ के सीमित डेटा वाले पैक पर चलते हैं, और दिन ढलने से पहले ही कोटा खत्म हो जाता है।
अच्छी खबर यह है कि डेटा बचाने के लिए महँगा प्लान लेना ज़रूरी नहीं है। कुछ समझदार ऐप्स और फोन की छोटी-छोटी सेटिंग्स से आप वही काम कम डेटा में कर सकते हैं। यह लेख उन्हीं तरीकों के बारे में है, जिन्हें आप आज ही अपने Android फोन पर आज़मा सकते हैं। सेटिंग्स के नाम अलग-अलग कंपनियों के फोन में थोड़े बदल सकते हैं, पर रास्ता लगभग यही मिलेगा।
1. सबसे पहले जानें कि डेटा कौन खा रहा है
बिना नापे कोई भी इलाज बेकार है। जब तक पता नहीं होगा कि सबसे ज़्यादा डेटा कौन-सा ऐप खर्च कर रहा है, तब तक आप गलत जगह कटौती करेंगे। Android फोन में यह जानकारी पहले से मौजूद होती है। Settings खोलें, फिर Network and internet या Connections में जाकर Data usage पर टैप करें। वहाँ हर ऐप के आगे लिखा मिलेगा कि उसने इस दौरान कितना डेटा खर्च किया।
अक्सर लोग चौंक जाते हैं, क्योंकि सबसे ऊपर Instagram या YouTube की जगह Google Photos या कोई शॉपिंग ऐप निकल आता है। इसलिए सूची में जो ऐप सबसे ऊपर दिखे, उस पर टैप करें और देखें कि उसने बैकग्राउंड में कितना डेटा लिया। ज़रूरत न हो तो उसका Background data बंद कर दें।
उसी पेज पर Data warning और Data limit भी सेट किए जा सकते हैं। ध्यान रहे कि ये आम तौर पर आपके बिलिंग महीने के हिसाब से चलते हैं, रोज़ के कोटे के हिसाब से नहीं। अगर आपका पैक रोज़ के डेटा वाला है, तो सुबह-शाम एक बार खुद Data usage देख लेने की आदत ज़्यादा काम आती है। iPhone में Settings के Mobile Data हिस्से में हर ऐप के आगे उसका खर्च दिखता है, और वहीं से किसी ऐप का स्विच बंद किया जा सकता है।
2. ब्राउज़र में डेटा बचाने के तरीके
भारत में मोबाइल डेटा का बड़ा हिस्सा ब्राउज़र में जाता है, क्योंकि हम खबरें पढ़ते हैं, सवालों के जवाब खोजते हैं और सोशल मीडिया के लिंक भी वहीं खोलते हैं। पहले Chrome में Lite Mode नाम की सुविधा थी, जो पेज को कंप्रेस करके भेजती थी। वह अब हटा दी गई है, इसलिए अगर कोई पुरानी सलाह उसे चालू करने को कहे, तो अब वह रास्ता काम नहीं करता।
आज डेटा बचाने के लिए Brave या Opera Mini जैसे ब्राउज़र आज़माए जा सकते हैं। Brave में विज्ञापन रोकने वाला फीचर पहले से मौजूद है, जिसका मतलब है कि पेज पर लगे बहुत से विज्ञापन लोड ही नहीं होते। विज्ञापन अक्सर किसी पेज का भारी हिस्सा होते हैं, इसलिए पेज जल्दी खुलते हैं और कम डेटा लगता है। Opera Mini पेजों को पहले अपने सर्वर पर छोटा करता है और फिर फोन पर भेजता है, इसलिए धीमे नेटवर्क पर भी अच्छा चलता है। ऐसे ब्राउज़र में कुछ पेज बिगड़े हुए दिख सकते हैं, तो बैंक या पेमेंट जैसे काम के लिए अपना भरोसेमंद ब्राउज़र ही इस्तेमाल करें।
Chrome इस्तेमाल करते रहना हो तो भी कुछ किया जा सकता है। उसकी Settings में पेज पहले से लोड करने (preload) वाला विकल्प बंद कर दें। वह आपके लिए आगे के पेज पहले से खींच लेता है, जिनमें से बहुत से आप कभी खोलते ही नहीं। साथ ही खुले हुए बेकार टैब बंद करते रहें, ताकि फोन भी हल्का चले।
3. YouTube और वीडियो ऐप्स में क्वालिटी घटाएँ
वीडियो डेटा का सबसे बड़ा खर्च है। HD क्वालिटी पर चलता हुआ दस मिनट का वीडियो भी सैकड़ों MB तक पहुँच सकता है। YouTube में क्वालिटी अक्सर Auto पर रहती है और नेटवर्क अच्छा हो तो ऐप ऊँची क्वालिटी चुन लेता है। इसका हल आसान है। YouTube खोलें, प्रोफ़ाइल फोटो पर टैप करें, Settings में जाएँ और Video quality preferences खोलें। वहाँ Mobile networks के लिए Data saver चुन लें, या क्वालिटी को 360p जैसे निचले स्तर पर रखें।
मोबाइल की छोटी स्क्रीन पर 360p भी अक्सर ठीक-ठाक दिखती है, जबकि डेटा खर्च काफी घट जाता है। अगर आपको सिर्फ गाना सुनना है, तो वीडियो चलाने की जगह कोई म्यूज़िक ऐप चुनें, क्योंकि सिर्फ ऑडियो में वीडियो के मुकाबले काफी कम डेटा लगता है।
जो वीडियो आप बार-बार देखते हैं, जैसे बच्चों की कविताएँ या कोई प्रेरक वीडियो, उन्हें Wi-Fi पर पहले से डाउनलोड कर लें। YouTube का डाउनलोड कई वीडियो पर मुफ्त उपलब्ध है, और डाउनलोड हो जाने पर बिना डेटा खर्च किए वही वीडियो फिर देखा जा सकता है।
यही नियम दूसरे स्ट्रीमिंग ऐप्स पर भी लागू होता है। JioHotstar जैसे ऐप पर मैच देखते हुए क्वालिटी को Auto से घटाकर Low या Data saver पर रखें। लाइव मैच में आपको हर गेंद की बारीकी नहीं चाहिए, स्कोर और एक्शन साफ दिखे तो काफी है। एक और बात, वीडियो ऐप खोलकर भूल मत जाइए। कुछ ऐप पिक्चर-इन-पिक्चर या पीछे चलते रहते हैं और डेटा खाते रहते हैं।
4. WhatsApp और सोशल मीडिया की सेटिंग्स
भारत में WhatsApp लगभग हर फोन पर सबसे ज़्यादा खुलने वाला ऐप है। ग्रुपों में रोज़ आने वाले शुभ-प्रभात संदेश, फोटो और वीडियो चुपचाप सैकड़ों MB खा सकते हैं। सबसे कारगर तरीका है ऑटो डाउनलोड को सीमित करना। WhatsApp खोलें, Settings में जाएँ और Storage and data पर टैप करें। वहाँ Media auto-download के हिस्से में When using mobile data चुनकर फोटो, ऑडियो, वीडियो और दस्तावेज़ सबको बंद कर दें।
इसके बाद ग्रुप की फोटो धुंधली दिखेंगी और आपको उन पर टैप करके खुद डाउनलोड करना होगा। यह थोड़ी मेहनत ज़रूर बढ़ाता है, पर आप सिर्फ वही चीज़ें डाउनलोड करेंगे जो सच में देखनी हैं। Storage and data में ही Use less data for calls का विकल्प भी मिलता है, जो कॉल के दौरान डेटा घटाता है। Status में दिखने वाले वीडियो भी डेटा खाते हैं, इसलिए रोज़ दस-बारह स्टेटस देखने की आदत का असर महीने के आखिर में दिखता है।
Instagram की Settings में डेटा बचाने का विकल्प मिलता है, जो मोबाइल डेटा पर वीडियो की क्वालिटी घटा देता है। Facebook में भी वीडियो अपने आप चलने (autoplay) को बंद किया जा सकता है। Facebook Lite अब भी भारत में चलने वाला हल्का ऐप है, जो कम जगह और कम डेटा लेता है। लेकिन हर बड़े ऐप का हल्का रूप हमेशा मौजूद नहीं रहता। Instagram Lite जैसे कुछ हल्के ऐप बंद किए जा चुके हैं, इसलिए Play Store में ऐप दिखे तभी इस्तेमाल करें और न दिखे तो ब्राउज़र का रास्ता अपनाएँ।
5. Google Maps में ऑफलाइन नक्शा
रोज़ ऑफिस या कॉलेज जाने के लिए Google Maps खोलना अब आदत बन चुकी है। पर हर बार नक्शा घुमाने, ट्रैफिक देखने या नया रास्ता खोजने में डेटा खर्च होता है। इसका सीधा हल है ऑफलाइन नक्शा। Wi-Fi पर पहले से अपने इलाके का नक्शा डाउनलोड कर लें। इसके लिए Google Maps खोलें, ऊपर प्रोफ़ाइल फोटो पर टैप करें और Offline maps चुनें। फिर Select your own map पर टैप करके जिस इलाके की ज़रूरत हो, उसे चुन लें।
डाउनलोड के बाद उस इलाके में रास्ता दिखाने के लिए ज़्यादा डेटा नहीं लगता। ध्यान रखें कि ऑफलाइन मोड में कुछ सुविधाएँ सीमित हो जाती हैं, जैसे लाइव ट्रैफिक की जानकारी। इसलिए अगर ट्रैफिक देखना ज़रूरी हो तो थोड़ा डेटा चालू रखना पड़ेगा। फिर भी रास्ता, मोड़ और दूरी जानने के लिए ऑफलाइन नक्शा काफी है। यह तरीका उन लोगों के लिए खासतौर पर काम का है जो रोज़ एक ही रूट पर सफर करते हैं।
डाउनलोड किए नक्शे पुराने भी पड़ जाते हैं, इसलिए Offline maps की सेटिंग में उन्हें Wi-Fi पर अपने आप अपडेट होने देना ठीक रहता है। इससे नक्शा ताज़ा रहता है और मोबाइल डेटा पर अपडेट का बोझ नहीं पड़ता।
6. बैकग्राउंड डेटा पर काबू पाएँ
फोन जेब में है और स्क्रीन बंद है, फिर भी अंदर कई ऐप्स चुपचाप इंटरनेट से जुड़े रहते हैं। मौसम का ऐप अपडेट ले रहा होता है, खबरों का ऐप ताज़ा खबरें खींच रहा होता है और शॉपिंग ऐप ऑफर भेजने के लिए सर्वर से जुड़ा रहता है। यही बैकग्राउंड डेटा है, और यही चुपचाप आपका रिचार्ज घटाता है।
Data usage में हर ऐप के पेज पर Background data का स्विच मिलता है। जिन ऐप्स की आपको लाइव जानकारी नहीं चाहिए, उनका बैकग्राउंड डेटा बंद कर दें। शॉपिंग ऐप को पीछे डेटा खर्च करने की ज़रूरत नहीं है, खोलने पर वह खुद अपडेट हो जाएगा। गेम्स भी पीछे विज्ञापन लोड करते रहते हैं। इनका बैकग्राउंड डेटा बंद करने से खेलने में कोई दिक्कत नहीं आती।
सबसे सख्त तरीका Data Saver मोड है। Settings में Network and internet के अंदर Data Saver को चालू कर दें। इससे ज़्यादातर ऐप्स का बैकग्राउंड डेटा रुक जाता है और सिर्फ वही ऐप डेटा ले पाते हैं जो उस समय स्क्रीन पर खुले हों। जिस ऐप के संदेश समय पर चाहिए, जैसे WhatsApp, उसे Unrestricted data वाली सूची में जोड़ दें। यह एक बार का काम है, जिसका फायदा हर महीने मिलता रहता है।
7. अपडेट और बैकअप सिर्फ Wi-Fi पर
यह गलती नए फोन वाले अक्सर करते हैं। Play Store में किसी ऐप का अपडेट दबा दिया और पता ही नहीं चला कि सैकड़ों MB मोबाइल डेटा से डाउनलोड हो गए। कुछ बड़े ऐप्स और गेम्स के अपडेट काफी भारी होते हैं, और सिस्टम अपडेट तो कई बार इससे भी बड़े होते हैं। एक गलत टैप दिन का आधा कोटा निगल सकता है।
Play Store खोलें, Settings में Network preferences में जाएँ और Auto-update apps को Over Wi-Fi only पर रखें। इससे ऐप्स तभी अपडेट होंगे जब फोन Wi-Fi से जुड़ा होगा। जो ऐप आप कभी इस्तेमाल ही नहीं करते, उन्हें अपडेट करने के बजाय हटा दें। फोन का सिस्टम अपडेट भी Settings में जाकर Wi-Fi पर ही डाउनलोड करें।
फोटो और वीडियो का बैकअप भी डेटा का बड़ा हिस्सा खा सकता है। Google Photos की Settings में देखें कि बैकअप के लिए मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने का विकल्प बंद है। अगर आप रोज़ बहुत फोटो खींचते हैं, तो वे तुरंत बैकअप होती रहें, यह ज़रूरी नहीं है। Wi-Fi पर बैकअप होने में बस थोड़ी देर लगती है। यही नियम दूसरे क्लाउड स्टोरेज ऐप्स पर भी लगाएँ।
8. हल्के ऐप्स चुनें और बेकार ऐप्स हटाएँ
कई बड़े ऐप्स के हल्के रूप बनाए गए हैं, जो कम जगह, कम RAM और कम डेटा लेते हैं। Facebook Lite इसका जाना-पहचाना उदाहरण है। अगर आपके फोन की स्टोरेज कम है या डेटा पैक छोटा है, तो मुख्य ऐप की जगह हल्का रूप चुनना समझदारी है। इनमें कुछ उन्नत फीचर नहीं होते, पर रोज़ का काम आराम से चल जाता है। फोटो और वीडियो कम रिज़ॉल्यूशन में लोड होते हैं, जिससे डेटा बचता है।
पर यहाँ एक बात याद रखनी चाहिए। इस तरह के हल्के ऐप्स समय के साथ बंद भी होते रहते हैं। YouTube Go जैसे ऐप बंद किए जा चुके हैं, और कुछ और ऐप भी बंद हो सकते हैं। इसलिए किसी एक हल्के ऐप पर पूरी तरह निर्भर न रहें। कोई ऐप बंद हो जाए तो उसी सेवा का मोबाइल ब्राउज़र वाला रूप अक्सर एक अच्छा विकल्प रहता है।
साथ ही अपने फोन के उन ऐप्स की सूची बनाएँ जो आपने पिछले एक महीने से खोले ही नहीं। हर ऐप सूचनाएँ भेजने, अपडेट लेने और पीछे डेटा खर्च करने की क्षमता रखता है। जो ऐप काम का नहीं, उसे हटा दें। इससे फोन की रफ्तार भी बढ़ती है और डेटा भी बचता है।
9. Wi-Fi का सही इस्तेमाल और सार्वजनिक नेटवर्क से सावधानी
डेटा बचाने का सबसे आसान तरीका यह है कि जहाँ भरोसे का Wi-Fi मिले, वहाँ उसी से जुड़ें। घर या ऑफिस में Wi-Fi चलता हो तो मोबाइल डेटा खर्च ही नहीं होता। पर रेलवे स्टेशन या कैफे जैसे सार्वजनिक नेटवर्क हमेशा सुरक्षित नहीं होते। ऐसे नेटवर्क पर बैंकिंग या पेमेंट ऐप खोलने से बचें।
कई फोन में खुले Wi-Fi नेटवर्क से अपने आप जुड़ जाने का विकल्प होता है। ऐसे नेटवर्क अक्सर कमज़ोर या असुरक्षित होते हैं, और फोन जुड़ा रहे तो आपको पता भी नहीं चलता। बेहतर है कि यह ऑटो-कनेक्ट विकल्प बंद रखें और ज़रूरत पड़ने पर खुद नेटवर्क चुनें।
घर के Wi-Fi राउटर का पासवर्ड मज़बूत रखें, ताकि कोई और आपकी स्पीड न बाँट सके। एक और बात, अगर Wi-Fi कमज़ोर हो या बीच-बीच में टूटता हो, तो फोन मोबाइल डेटा पर चला जाता है और आपको पता भी नहीं चलता। कई फोन में Wi-Fi कमज़ोर होने पर अपने आप मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने का विकल्प होता है। अगर आप डेटा बचाना चाहते हैं, तो उसे बंद रखें।
आज ही करने लायक छोटी चेकलिस्ट
ये सात काम आप अभी पाँच-दस मिनट में कर सकते हैं। इन्हें करने के बाद आपके डेटा खर्च का हिसाब बदलने लगेगा।
- Settings में Data Saver चालू करें और ज़रूरी ऐप्स को छूट दें।
- Play Store में Auto-update apps को Over Wi-Fi only पर रखें।
- WhatsApp में मोबाइल डेटा पर सभी मीडिया का ऑटो डाउनलोड बंद करें।
- YouTube में मोबाइल नेटवर्क के लिए Data saver या 360p चुनें।
- Google Photos का बैकअप सिर्फ Wi-Fi पर होने दें।
- Google Maps में अपने शहर का ऑफलाइन नक्शा डाउनलोड करें।
- जो ऐप पिछले महीने खोले ही नहीं, उन्हें हटा दें।
ये छोटे बदलाव मिलकर महीने भर में अच्छा-खासा डेटा बचा सकते हैं। डेटा बचाना कोई कठिन विज्ञान नहीं, बस सही सेटिंग और थोड़ी-सी आदत की बात है। अगली बार जब रिचार्ज का मैसेज आए, तो शायद आपको पैक के आखिरी दिनों तक भी डेटा बचा मिले।







