ट्रेन और बस टिकट बुक करने के लिए 6 भरोसेमंद ऐप्स

ट्रेन और बस का टिकट बुक करने वाले छह ऐप्स की खूबियां और कमियां जानिए, और तुलना करके तय कीजिए कि आपके सफर के लिए कौन सा ऐप सबसे सही रहेगा।

ट्रेन और बस टिकट बुक करने के लिए 6 भरोसेमंद ऐप्स

सोमवार सुबह के नौ बजे हैं। ऑफिस के लिए निकलना है, लेकिन दिमाग में एक ही टेंशन चल रही है कि शाम को घर जाने के लिए बस की सीट मिलेगी या नहीं। या फिर दिवाली का टाइम है, ट्रेन का वेटिंग लिस्ट नंबर बढ़ता जा रहा है, और IRCTC की वेबसाइट बार-बार हैंग हो रही है। ये दृश्य हममें से ज्यादातर लोगों के लिए जाने-पहचाने हैं।

अच्छी बात ये है कि अब सिर्फ IRCTC या स्टेशन की लंबी लाइन पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। कई भरोसेमंद ऐप्स ने टिकट बुकिंग को आसान बना दिया है। लेकिन सवाल ये है कि कौन सा ऐप वाकई काम का है, किसका इंटरफेस सही है, और कहां रिफंड या कैंसलेशन का झंझट कम है। आइए ऐसे ही कुछ ऐप्स पर नजर डालते हैं, जो रोजमर्रा के सफर को थोड़ा कम तनाव वाला बना सकते हैं।

IRCTC Rail Connect: सरकारी भरोसा, अब थोड़े बेहतर रूप में

IRCTC Rail Connect असल में रेलवे का अपना ऑफिशियल ऐप है। पहले जो पुराना IRCTC ऐप हुआ करता था, उसकी जगह यही चलता है (रेलवे के नए ऐप, जैसे RailOne, भी आ रहे हैं, इसलिए Play Store पर ऑफिशियल ऐप का नाम एक बार देख लें)। ट्रेन का टिकट बुक करने के लिए सबसे पहला नाम ज्यादातर लोगों के दिमाग में यही आता है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि यहां बुक किया हुआ टिकट सीधे रेलवे के सिस्टम में जाता है। कोई थर्ड पार्टी बिचौलिया नहीं होता।

ऐप खोलते ही आपको एक आसान सा लॉगिन स्क्रीन दिखता है। पुराने IRCTC यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन किया जा सकता है। टिकट बुक करने का तरीका वेबसाइट जैसा ही है, लेकिन मोबाइल स्क्रीन के हिसाब से चीजें थोड़ी सिंपल की गई हैं। आप स्टेशन का नाम टाइप करें, तारीख चुनें, और ट्रेनों की लिस्ट आ जाती है। क्लास चुनने के बाद पैसेंजर डिटेल भरनी होती है।

क्या ध्यान रखें

  • सुबह के वक्त ट्रेन सर्च करना थोड़ा स्लो लग सकता है, खासकर तत्काल बुकिंग के समय।
  • पेमेंट के वक्त नेटवर्क एरर आने पर घबराएं नहीं। दोबारा तुरंत पेमेंट न करें। पहले बुकिंग हिस्ट्री और SMS/ईमेल देखें। पैसा कटा हो और टिकट न बना हो, तो रेलवे के नियमों के हिसाब से रिफंड आता है।
  • मास्टर लिस्ट में पैसेंजर का नाम सेव करके रखें, इससे बार-बार डिटेल भरने का झंझट नहीं रहता।

एक आम गलती जो लोग करते हैं वो ये है कि लॉगिन पासवर्ड भूल जाते हैं और बार-बार गलत पासवर्ड डालकर अकाउंट लॉक करा लेते हैं। बेहतर होगा कि पासवर्ड कहीं नोट करके रखें या पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें। ऐप में कैंसलेशन का ऑप्शन भी साफ दिखता है, और रिफंड रेलवे के नियमों के हिसाब से मिलता है। नियम और समय-सीमा बदलते रहते हैं, इसलिए रकम और शर्तें ऑफिशियल जगह पर ही देखें।

redBus: बस टिकट का सबसे पुराना साथी

अगर आप बस से सफर करते हैं, तो redBus का नाम आपने जरूर सुना होगा। प्राइवेट बस ऑपरेटरों के साथ-साथ कई स्टेट ट्रांसपोर्ट की बसें भी इस पर मिल जाती हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि एक ही जगह पर आपको सैकड़ों बस ऑपरेटरों का शेड्यूल, सीट लेआउट और किराया एक साथ दिख जाता है।

मान लीजिए आपको दिल्ली से जयपुर जाना है। आप रूट डालते हैं, तारीख चुनते हैं, और आपके सामने AC, नॉन AC, स्लीपर, सेमी स्लीपर, वोल्वो जैसे ऑप्शन आ जाते हैं। हर बस के साथ बोर्डिंग पॉइंट और ड्रॉपिंग पॉइंट भी लिखे होते हैं। ये छोटी सी चीज बहुत काम आती है, क्योंकि कई बार बस शहर के बाहर से निकलती है और आपको पता नहीं होता।

सही बस चुनने का तरीका

  1. सबसे सस्ती बस पर सीधे क्लिक न करें। पहले बोर्डिंग पॉइंट देखें कि वो आपके घर या ऑफिस से कितनी दूर है।
  2. बस ऑपरेटर की रेटिंग और यात्रियों के रिव्यू जरूर पढ़ें। खासकर समय पर चलने और साफ-सफाई वाले रिव्यू।
  3. सीट लेआउट में खिड़की वाली सीट चुनें तो सफर थोड़ा आरामदायक रहता है।

redBus पर कैंसलेशन की पॉलिसी हर बस ऑपरेटर की अलग होती है। कुछ बसें फ्री कैंसलेशन देती हैं तो कुछ में पैसा कटता है। बुकिंग से पहले नीचे लिखा कैंसलेशन चार्ज जरूर पढ़ें। कई बार लोग बुकिंग तो कर लेते हैं, फिर प्लान बदलने पर आधा किराया कटता देख परेशान होते हैं। ऐप में लाइव बस ट्रैकिंग का फीचर भी काम का है, खासकर तब जब परिवार का कोई सदस्य अकेले सफर कर रहा हो।

MakeMyTrip: ट्रेन, बस, फ्लाइट सब एक जगह

MakeMyTrip को ज्यादातर लोग होटल और फ्लाइट बुकिंग के लिए जानते हैं, लेकिन इसका ट्रेन और बस सेक्शन भी काफी मजबूत है। अगर आपको एक ही ऐप में सब चाहिए, तो ये सही रहता है। ऑफिस का काम हो, घर जाना हो, या छुट्टी पर कहीं घूमने का प्लान हो, एक ही जगह से सब मैनेज हो जाता है।

ट्रेन बुकिंग में टिकट रेलवे का ही होता है, बस बुकिंग का तरीका थोड़ा अलग है और कई बार इसके लिए आपका IRCTC अकाउंट जोड़ना पड़ता है। यहां सर्च करने पर आपको ट्रेनों के साथ-साथ फ्लाइट के ऑप्शन भी साथ में दिखते हैं, जिससे कभी-कभी तुलना करना आसान हो जाता है। अगर ट्रेन में लंबी वेटिंग है, तो आप तुरंत देख सकते हैं कि फ्लाइट में क्या रेट चल रहा है।

कब काम आता है

  • जब आप किसी शादी या फंक्शन में जा रहे हों और ट्रेन का कन्फर्म टिकट न मिल रहा हो।
  • जब बस और ट्रेन दोनों का शेड्यूल एक साथ देखना हो।
  • जब आपको पूरे ट्रिप का एक ही जगह रिकॉर्ड रखना हो।

ध्यान देने वाली बात ये है कि MakeMyTrip पर कई बार कन्वीनियंस फीस या सर्विस चार्ज जुड़ जाता है। इसलिए पेमेंट पेज पर पहुंचकर कुल रकम जरूर देखें। कई बार IRCTC Rail Connect से सीधा बुक करना सस्ता पड़ता है, लेकिन MakeMyTrip का इंटरफेस ज्यादा साफ और तेज लगता है। कैंसलेशन के मामले में भी रिफंड थोड़ा लेट आ सकता है, क्योंकि पैसा पहले उनके पास जाता है, फिर बैंक में वापस आता है।

Paytm: वॉलेट वालों के लिए आसान रास्ता

Paytm की पहचान भले ही पेमेंट ऐप के रूप में ज्यादा हो, लेकिन इसमें ट्रेन और बस टिकट बुकिंग भी मिलती है। अगर आप पहले से Paytm से यूपीआई पेमेंट करते हैं, तो एक ही ऐप में बुकिंग और भुगतान निपटाना सुविधाजनक लग सकता है। खासकर छोटे शहरों में जहां लोग Paytm का इस्तेमाल रोजमर्रा के लेनदेन के लिए करते हैं।

ट्रेन बुकिंग में अक्सर आपको अपना IRCTC यूजरनेम जोड़ना पड़ता है, और फिर सर्च करके टिकट बुक किया जा सकता है। बस बुकिंग में भी कई प्राइवेट ऑपरेटर और स्टेट बसें मिल जाती हैं। कई बार ऐप में छोटे पेमेंट ऑफर भी दिखते हैं, पर ये हर समय नहीं होते, इसलिए ऑफर के भरोसे बुकिंग का फैसला न करें।

सावधानी वाली बातें

  • Paytm पर बुकिंग के वक्त ध्यान रखें कि आप सही IRCTC अकाउंट से लॉगिन कर रहे हैं। गलत अकाउंट से टिकट बुक होने पर बाद में कैंसलेशन में दिक्कत आती है।
  • बस टिकट में कैंसलेशन पॉलिसी redBus की तरह ही ऑपरेटर के हिसाब से बदलती है।
  • ऑफर कई बार अपने आप लागू नहीं होता, उसे पेमेंट से पहले खुद चुनना पड़ता है।

पेमेंट अटक जाए तो घबराकर दोबारा भुगतान न करें। पहले देखें कि बुकिंग बनी या नहीं, और रिफंड कितने दिन में आएगा, यह ऐप में लिखा होता है। आखिरी समय पर टिकट बुक करने वालों के लिए यह आदत खासकर काम आती है।

AbhiBus: बस ऑपरेटरों के साथ सीधा तालमेल

AbhiBus भी बस टिकट बुकिंग के लिए एक अच्छा विकल्प है। बस टिकट के मामले में ये भी जाना-पहचाना नाम है। कई बार कुछ रीजनल बस ऑपरेटर किसी एक ऐप पर ज्यादा और दूसरे पर कम दिखते हैं, इसलिए रूट के हिसाब से दोनों ऐप देखना ठीक रहता है।

ऐप का इंटरफेस साफ है। सर्च करने पर बसें उनके डिपार्चर टाइम के हिसाब से क्रम में दिखती हैं। हर बस के साथ बोर्डिंग पॉइंट, ड्रॉपिंग पॉइंट, सीट की उपलब्धता और किराया साफ लिखा होता है। कुछ बसों में लाइव ट्रैकिंग भी मिलती है, जो रात की यात्रा में परिवार को संतुष्टि देती है कि बस सही रास्ते पर है।

बुकिंग से पहले ये करें

  1. अपने शहर के बस अड्डे का सही नाम चुनें। कई शहरों में एक से ज्यादा बस स्टैंड होते हैं।
  2. रात की बस में स्लीपर सीट हो तो ऊपर वाली बर्थ या नीचे वाली, अपनी पसंद की चुनें।
  3. बस की फोटो देखकर अंदाजा लगाएं कि सीटें कितनी पुरानी या नई लग रही हैं।

AbhiBus पर कुछ बस ऑपरेटरों का अपना कैंसलेशन पैनल होता है। इसका मतलब है कि टिकट कैंसल करने पर रिफंड का नियम वही रहता है जो बस मालिक तय करता है। कई बार आंशिक कैंसलेशन की सुविधा भी होती है, जैसे दो सीटों में से एक कैंसल करनी हो। ये छोटी सी सुविधा उन परिवारों के लिए काम की है जहां एक सदस्य का प्लान आखिरी समय पर बदल जाता है।

ixigo Trains: ट्रेन की जानकारी और स्मार्ट अलर्ट

ixigo का ट्रेन ऐप असल में यात्रियों के लिए एक स्मार्ट टूल की तरह काम करता है। यहां आप सिर्फ टिकट बुक नहीं करते, बल्कि ट्रेन की पोजीशन, प्लेटफॉर्म नंबर, कोच की पोजीशन और PNR स्टेटस भी चेक कर सकते हैं। ये उन लोगों के लिए बहुत काम का है जो अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं।

मान लीजिए आपका टिकट वेटिंग लिस्ट में है। ixigo आपको बताता रहता है कि आपका नंबर कितना घटा या बढ़ा। कई बार ये अंदाजा भी लगाता है कि कन्फर्म होने के कितने चांस हैं। ये जानकारी रेलवे के पुराने डेटा के आधार पर होती है, इसलिए इसे गारंटी न समझें, लेकिन प्लान बनाने में मदद जरूर मिलती है।

कौन से फीचर सबसे काम के हैं

  • ट्रेन लाइव स्टेटस: स्टेशन पर पहुंचने से पहले देखें कि ट्रेन कितनी लेट है।
  • प्लेटफॉर्म नंबर: बड़े स्टेशनों पर ये जानकारी समय बचाती है।
  • कोच पोजीशन: पता चलता है कि आपका डिब्बा इंजन से कितनी दूर लगेगा, जिससे स्टेशन पर सही जगह खड़े हो सकें।

ixigo से टिकट बुक करने पर भी बुकिंग IRCTC के सिस्टम से ही होती है। यानी टिकट असली रेलवे का ही होता है। ऐप का फायदा ये है कि सर्च और फिल्टर काफी तेज हैं। आप चाहें तो सिर्फ सुपरफास्ट ट्रेनें दिखाएं, या सिर्फ वही ट्रेनें जिनमें सीट उपलब्ध है। सुबह के तत्काल समय में ये फिल्टर काफी काम आते हैं, जब हर सेकंड कीमती होता है।

राज्य परिवहन की अपनी ऐप्स: स्थानीय सफर का भरोसा

कई राज्यों की सरकारी बस सेवाओं की अपनी ऑनलाइन बुकिंग है, कहीं ऐप के रूप में और कहीं वेबसाइट पर। जैसे कर्नाटक की KSRTC, महाराष्ट्र की MSRTC, गुजरात की GSRTC और उत्तर प्रदेश की UPSRTC। ये ऐप्स शायद उतनी चमक-धमक वाली न हों, लेकिन सरकारी बसों का सही शेड्यूल और किराया इन्हीं पर मिलता है।

प्राइवेट बस ऐप्स पर कई बार सरकारी बसों की जानकारी अधूरी होती है। ऐसे में अगर आप किसी राज्य के भीतर सफर कर रहे हैं, तो उस राज्य की अपनी ऐप सबसे भरोसेमंद होती है। कुछ राज्यों में बुकिंग के अलावा पास जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं, पर ये हर जगह एक जैसी नहीं होतीं।

इनका इस्तेमाल कैसे करें

  1. पहले पता करें कि आपके राज्य या गंतव्य राज्य की सरकारी बस सेवा का कोई ऐप है या नहीं।
  2. यात्रा के रूट पर सरकारी और प्राइवेट दोनों बसों का किराया तुलना करें।
  3. कैंसलेशन और रिफंड के नियम हर राज्य के अलग होते हैं, इसलिए बुकिंग से पहले पढ़ लें।

एक आम दिक्कत ये है कि कुछ सरकारी ऐप्स पुराने डिजाइन की होती हैं और कभी-कभी हैंग कर जाती हैं। लेकिन जब आपको पक्का पता हो कि सरकारी बस ही पकड़नी है, तो इन्हीं से बुकिंग करना सही रहता है। जिन रूट्स पर ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध है, वहां काउंटर पर जाकर टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ती और सीट पहले से रिजर्व रहती है।

कौन सा ऐप कब चुनें: एक आसान तुलना

अब सवाल उठता है कि इतने सारे ऐप्स में से किसे चुनें। इसका सीधा जवाब ये है कि ये आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आप सिर्फ ट्रेन से सफर करते हैं और कैंसलेशन का झंझट नहीं चाहिए, तो IRCTC Rail Connect सबसे सीधा रास्ता है। अगर बस से जाना है, तो redBus और AbhiBus दोनों चेक कर लें, क्योंकि कई बार एक ही बस का किराया दोनों पर थोड़ा अलग होता है।

अगर आपका पूरा ट्रिप प्लान करना है, जैसे होटल, फ्लाइट और बस सब एक साथ, तो MakeMyTrip जैसा ऐप काम आता है। और अगर आप Paytm के आदी हैं, तो उसी से बुकिंग कर लेना भी गलत नहीं है। बस पेमेंट से पहले कुल रकम पर नजर डाल लें।

ध्यान देने वाली बातें

  • एक ही रूट को दो ऐप्स पर खोलकर देखें। किराए में फर्क हो सकता है।
  • जिस ऐप का इंटरफेस आपको सबसे आसान लगे, उसी से चिपके रहें। बार-बार नया ऐप सीखने में समय बर्बाद होता है।
  • सभी ऐप्स में अकाउंट बनाते समय सही मोबाइल नंबर और ईमेल डालें, क्योंकि टिकट और रिफंड की जानकारी वहीं आती है।

कई लोग एक साथ पांच ऐप्स डाउनलोड कर लेते हैं और फिर कन्फ्यूज हो जाते हैं। बेहतर ये है कि दो या तीन ऐप्स रखें। एक ट्रेन के लिए, एक बस के लिए, और एक बैकअप के तौर पर। इससे फोन की स्टोरेज भी बचती है और दिमाग भी शांत रहता है।

टिकट बुकिंग से पहले और बाद की जरूरी बातें

टिकट बुक करने से पहले कुछ छोटी-छोटी बातें आपका बहुत सारा पैसा और समय बचा सकती हैं। सबसे पहले तो यात्रा की तारीख और समय को दो बार चेक करें। कई बार जल्दी में लोग गलत महीना या गलत तारीख चुन लेते हैं। बुकिंग के बाद टिकट का स्क्रीनशॉट जरूर लें और व्हाट्सऐप पर खुद को भेज दें, ताकि नेटवर्क न होने पर भी जानकारी दिख जाए।

पैसेंजर का नाम सरकारी पहचान पत्र जैसा ही रखें। यात्रा में दिखाए जाने वाले पहचान पत्र से नाम में फर्क होने पर जांच के समय परेशानी हो सकती है। बस में आमतौर पर इतनी सख्ती नहीं होती, लेकिन फिर भी सही नाम रखना अच्छा रहता है।

बुकिंग के बाद क्या करें

  1. टिकट का PNR या बुकिंग आईडी नोट कर लें।
  2. यात्रा से एक दिन पहले ट्रेन या बस का शेड्यूल फिर चेक करें।
  3. कैंसलेशन की आखिरी तारीख और समय याद रखें, ताकि प्लान बदलने पर पैसा वापस मिल सके।
  4. बस के बोर्डिंग पॉइंट पर थोड़ा पहले पहुंचें, क्योंकि कई बसें समय से पांच या दस मिनट पहले निकल जाती हैं।

एक और आम गलती है कि लोग बस टिकट बुक करते समय फोन नंबर गलत डाल देते हैं। बस ऑपरेटर कई बार बोर्डिंग पॉइंट बदलने की सूचना SMS से देता है। गलत नंबर होने पर ये जानकारी नहीं मिलती और बस छूट जाती है। इसलिए बुकिंग कन्फर्म होने के बाद एक बार मोबाइल नंबर और ईमेल जरूर देख लें।

आखिरी सलाह: एक छोटी चेकलिस्ट

यात्रा का दिन करीब हो, बुकिंग करनी हो, तो ये छोटी चेकलिस्ट काम आएगी। इसे स्क्रीनशॉट लेकर रख सकते हैं या दिमाग में बसा सकते हैं।

  • तारीख, समय और रूट दो बार चेक करें।
  • ट्रेन है तो IRCTC Rail Connect या ixigo में से कोई एक खोलें।
  • बस है तो redBus और AbhiBus दोनों पर किराया देखें।
  • पेमेंट से पहले कुल रकम, कन्वीनियंस फीस और कैंसलेशन चार्ज देखें।
  • पैसेंजर का नाम और उम्र सही भरें।
  • बुकिंग के बाद टिकट का स्क्रीनशॉट और PNR नोट करें।
  • यात्रा से एक दिन पहले ट्रेन या बस की स्थिति फिर चेक करें।
  • बोर्डिंग पॉइंट का रास्ता और समय पहले से तय कर लें।

इन छोटी आदतों से टिकट बुकिंग का काम आसान हो जाता है। ऐप कोई भी हो, असली काम तो आपकी सतर्कता और थोड़ी सी तैयारी से ही बनता है। अगली बार जब सफर का प्लान बने, तो घबराने की जरूरत नहीं। सही ऐप खोलिए, ध्यान से भरिए, और निकल जाइए।